नकली नोट कांड पर यूपी में सियासी संग्राम, अखिलेश यादव और शलभमणि त्रिपाठी आमने-सामने, जानें क्या है पूरा मामला

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Published By Deepak Mishra
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देवरिया/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नकली नोट खपाने वाले गैंग के पर्दाफाश के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) विधायक शलभ मणि ने एक दूसरे पर आरोप लगाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नकली नोट को खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इस मामले में गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से करीब एक लाख 18 हजार रुपये के नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर सहित कई सामानों को बरामद किया था।

नकली नोटों के इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद भाजपा और सपा के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। सपा मीडिया सेल की तरफ से भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी की कुछ तस्वीरें एक्स हैंडल पर साझा की गईं थी। इन तस्वीरों में शलभमणि कुछ युवकों के साथ नजर आ रहे हैं। सपा मीडिया सेल ने लिखा, "देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ उन लड़कों की तस्वीर सामने है। जो लड़के आज नकली नोट मामले में सपा के बताकर भाजपा के नेता चीख पुकार मचाए हुए हैं। क्या मीडिया अब अपनी गलती स्वीकारेगा। क्या मीडिया और भाजपा नेता बताएंगे कि ये लड़के शलभ मणि त्रिपाठी के लिए क्या करते हैं। क्या शलभ मणि त्रिपाठी से भी आज नकली नोट मामले में पूछताछ होगी।" 

इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सपा मीडिया सेल के इस पोस्ट को अपने एक्स हैंडल से शेयर किया और लिखा, "देवरिया गोरखपुर से कितनी दूर। भाजपाई नकली नोट तो देश के अंदर चला रहे हैं और असली नोट देश के बाहर ले जा रहे हैं। नकली नोट चलानेवालों की तस्वीरें, भाजपा के विधायक के साथ सड़क से लेकर उनके अपने कार्यालयों तक में सबूत के तौर पर मिल चुकी हैं, तो फिर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में देरी किस बात की। शायद माननीय जी का शासन-प्रशासन इस बात से घबरा रहा है कि 'बाटी-चोखा बैठक' में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने से कहीं 'हाता नहीं भाता' वाला मामला और न गरमा जाए या फिर इस गोरखधंधे में सबकी हिस्सेदारी है। थोड़े कहे को, ज्यादा समझियेगा।" 

सपा मीडिया सेल और अखिलेश यादव के बयान के बाद शलभ मणि त्रिपाठी ने पलटवार करते हुए एक्स पर दो पोस्ट और किये हैं। इसमें उन्होंने लिखा है, "अखिलेश जी, क्योंकि आप मुझसे पूछताछ करवाना चाहते हैं, इसलिए आपको उत्तर दे रहा हूं। मैं विधायक हूं। मुझसे मिलने सपाई भी आते हैं, बसपाई भी, अपनी तस्वीरें भी खिंचवाते हैं, जनप्रतिनिधि के तौर पर बिना भेदभाव सबको सुनता भी हूं। अब हमें क्या पता कि कौन सा सपाई अपने नेताओं से प्रेरणा लेकर यहां देवरिया में भी लूट का एटीएम खोलकर बैठा है। इस आरोपी की और भी तस्वीरें हैं जो चीख-चीख कर कह रही हैं कि समाजवादी पार्टी की सच्चाई क्या है। रही बात जांच की, तो निश्चिंत रहिए, यहां अब योगी जी की सरकार है। नकली नोट के एटीएम का पूरा पर्दाफाश होगा। बहुत जल्द होगा। आप तब तक ऐसे ही इस मुद्दे को जिंदा रखिएगा।" 

विधायक शलभ मणि ने एक अन्य पोस्ट में विवेक यादव की तस्वीर कई सपा नेताओं के साथ भी साझा की है। साथ ही लिखा है- लाल टोपी की आड़ में जाली नोट का कारोबार कराना और फिर योजनाबद्ध तरीके से मेरे जनता दर्शन में समाजवादी पार्टी से जुड़े गुनाहगारों को भेज कर तस्वीरें खिंचवाना, ये साजिश काम नहीं आई, गुनाहगार धरे गए, साजिश का भंडाफोड़ हुआ, वैसे इन साजिशों से घबराने वाला नहीं, ना तो जनता की सेवा छोडूंगा, ना जनता दर्शन, रही समाजवादियों की असलियत, तो तस्वीरें सारी गवाही दे रही। सत्यमेव जयते।  

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