बाराबंकी : पछुआ हवा संग भड़की आग में 50 बीघा फसल राख, देर से पहुंची दमकल, ग्रामीणों ने पाया काबू
हैदरगढ़/बाराबंकी, अमृत विचार। सुबेहा थाना क्षेत्र के एक गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग में 50 बीघे खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। इस घटना से करीब ढाई दर्जन किसान प्रभावित हुए। दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला। तहसील प्रशासन ने नुकसान का आंकलन किया है।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र के पांडे का पुरवा मजरे इस्लामपुर गांव स्थित खेत में गुरुवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग देवपुरा गांव निवासी एक किसान के खेत से शुरू हुई। पछुआ हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था।
अग्निकांड में श्यामलाल, हरिशंकर, विद्यावती, रामप्रकाश, हरिशरण, शिवराम, राजेश, शकुंतला, गुड्डू, सहजहां बानो, रामशरण, बद्री विशाल, रमपता और कुलदीप पांडेय सहित लगभग ढाई दर्जन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच खेतों में आग लगीं देखी।
दमकल की गाड़ी लगभग आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने काफी हद तक आग पर काबू पा लिया था। घटना की सूचना पर नायब तहसीलदार रामजी द्विवेदी राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है। क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट एसडीएम को प्रेषित की जाएगी तथा पीड़ित किसानों को सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

नहर कटने से मचा हड़कंप, खेतों में घुसा पानी
रामसनेहीघाट : तहसील क्षेत्र के शेषपुर मजरे भरहेमऊ में बुधवार देर रात नहर कट जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते पानी किसानों के खेतों में भर गया और कटने के लिए तैयार खड़ी फसल जलमग्न हो गई। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से समय रहते नहर का पानी बंद करा दिया गया, जिससे सैकड़ों बीघे फसल डूबने से बच गई।
बताया जा रहा कि नहर किनारे वन विभाग द्वारा पौधरोपण के लिए खोदे गए गड्ढों के कारण किनारा कमजोर हो गया था और पानी का दबाव बढ़ते ही नहर कट गई, जिससे पानी खेतों में फैल गया। करीब 25 किसानों की गेहूं की फसल प्रभावित हुई। कई किसानों की कटी हुई गेहूं की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। वहीं करीब 7 बिस्वा चने की फसल भी पानी में डूब गई।
सूचना मिलते ही एसडीएम अनुराग सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी, राजस्व निरीक्षक नानक शरण और लेखपाल संजय वर्मा मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। राजस्व टीम ने फसलों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
