Bareilly: बुलडोजर थमे तो खौफ में व्यापारियों ने खुद चलाना शुरू किया हथौड़ा
बरेली, अमृत विचार। कोहाड़ापीर से धर्मकांटा रोड तक मंगलवार को बुलडोजर कार्रवाई के बाद बुधवार को नजारा बदला नजर आया। जिस सड़क पर बुलडोजर का शोर था, वहां अजीब खामोशी और दहशत का माहौल रहा। 40 दुकानों को मलबे में तब्दील करने के बाद बुधवार को निगम के बुलडोजर के पहिए थमे रहे, लेकिन व्यापारियों के मन से खौफ कम नहीं हुआ। ज्यादा नुकसान के डर से दर्जनों व्यापारी और भवन स्वामी खुद ही अपनी दुकानों और घरों के उन अवैध हिस्सों को तोड़ते दिखे, जिन पर नगर निगम ने लाल निशान लगाए थे। दूसरी ओर, कुदेशिया रोड पर अभियंता पहुंचे और दो दिन का अल्टीमेटम देकर लौट आए।
दरअसल, सीए ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से धर्मकांटा चौराहा व नैनीताल रोड तक सड़क चौड़ी की जानी है। मंगलवार को कार्रवाई के बाद निगम ने बुधवार को भी अभियान जारी रखने का दावा किया था, लेकिन बुलडोजर के पहिए थमे रहे। चर्चा रही कि व्यापारियों के भारी विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते दूसरे दिन टीम ने भारत सेवा ट्रस्ट के सामने बनी तीन मंजिला इमारत समेत अन्य प्रतिष्ठानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोक दी है। हालांकि, निगम के अभियंताओं ने दलील दी कि चूंकि लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा रहे हैं, इसलिए बलपूर्वक कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी गई। दिन भर टीमें केवल मुआयना करती रहीं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाल निशान के दायरे में आने वाला हिस्सा पूरी तरह साफ हुआ है या नहीं।
इधर, कुदेशिया रोड के व्यापारियों के लिए आने वाले दो से तीन दिन बेहद भारी रहने वाले हैं। नगर निगम के निर्माण विभाग के अभियंताओं ने वहां पहुंचकर दुकानदारों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। स्पष्ट किया है कि लाल निशान लगाए जा चुके हैं और तीन दिन के भीतर किसी भी वक्त बुलडोजर गरज सकता है। गौरतलब है कि मंगलवार को सुबह 10 बजे तीन बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ टीम पहुंची थी तो कार्रवाई का तीखा विरोध हुआ था। जिसे दरकिनार कर करीब 40 दुकानों पर कार्रवाई की गई थी। अब कुदेशिया रोड के व्यापारियों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं, क्योंकि तीन दिन की मोहलत खत्म होते ही नगर निगम का बुलडोजर एक बार फिर गरजने को तैयार है।
भविष्य के सपने हो गए मलबा
बुलडोजर कार्रवाई के बाद मंगलवार को कोहाड़ापीर रोड पर लोगों में बेबसी साफ देखी गई। महिलाओं से लेकर पुरुष मलबे से सपनों के टुकड़े बटोरते दिखे, तो बच्चे घर के बर्तन और कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने की जद्दोजहद में थे। दुकानदारों की नम आंखें उजड़े रोजगार को निहारती रहीं। मानों पूछ रही हों कि अब परिवार का पेट कैसे पलेगा। इस दौरान कई मध्यमवर्गीय परिवारों के हाथ सामान समेटते समय कांप रहे थे और चेहरों पर भविष्य की अनिश्चितता का खौफ छाया था।
निर्माण विभाग एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। कोहाड़पीर और कुदेशिया रोड पर अतिक्रमण की जद में आने वाले हिस्से पर लाल निशान लगाए जा चुके हैं। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी। बुधवार को निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने कोहाड़ापीर से प्रेमनगर सूद धर्मकांटा और कुदेशिया से जीआरएम तक मौका मुआयना किया है। दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया गया है कि वो अतिक्रमण खुद तोड़ ले या फिर ध्वस्तीकरण कार्रवाई को तैयार रहे।
