मथुरा नौका हादसा: 'नाविक को बार-बार रोका पर नहीं माना..', जानें कब-क्या हुआ और श्रद्धालुओं की मौत की पूरी कहानी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

मथुरा। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर यमुना नदी में एक मोटरबोट पोंटून पुल से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग अभी भी लापता हैं। स्थानीय गोताखोरों, पुलिस और पीएसी की तेजी से 22 लोगों को बचाया गया।

बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सेना की टीमें जुटी हुई हैं। लापता यात्रियों की तलाश शनिवार सुबह भी जारी रही।

MUSKAN DIXIT (35)

चश्मदीदों का बयान

हादसे में बाल-बाल बचे लुधियाना निवासी तनिश ने बताया, “सभी खुश थे और नाव में कीर्तन कर रहे थे। अचानक नाव पुल की तरफ बढ़ने लगी। हमने नाविक को चार बार रोका, लेकिन उसने नहीं माना। पलक झपकते ही नाव पोंटून से टकराई और पलट गई। चारों तरफ हाहाकार मच गया।”

एक अन्य श्रद्धालु श्वेत जैन ने कहा कि तेज हवा चल रही थी। नाव बीच नदी में लहराई तो यात्रियों ने नाविक से कम लोगों को लेने को कहा। पहले चार लोगों को दूसरी नाव में शिफ्ट भी किया गया था, लेकिन नाविक ने आगे बढ़ने पर जोर दिया। नाव दो बार टकराने से बच गई, लेकिन तीसरी बार पोंटून से जोरदार टक्कर हुई और वह पलट गई।

MUSKAN DIXIT (36)

बचाए गए लोगों ने बताया कि नाव डूबने लगी तो उन्होंने खुद ही एक-दूसरे को खींचने की कोशिश की। आसपास की छोटी नावों ने भी कई लोगों को बचाया।

हादसा कब और कैसे हुआ

- दोपहर करीब 2:45 बजे — श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए मोटरबोट में सवार हुए।
- 3:05 बजे — केसी घाट के पास पोंटून पुल से टकराकर नाव पलट गई।
- हादसे के समय नाव में लगभग 30-37 श्रद्धालु सवार थे, जो मुख्य रूप से लुधियाना, मोगा और मुक्तसर (पंजाब) से आए थे।

MUSKAN DIXIT (39)

पुलिस के अनुसार, जलस्तर बढ़ने के कारण पोंटून पुल को हटाया जा रहा था, लेकिन कुछ हिस्से नदी में तैरते रह गए। नाव इन्हीं में से एक से टकराई।

राहत और मुआवजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को तत्काल बचाव व राहत कार्य के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृहमंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं ने भी शोक संवेदना व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि घोषित की गई है।

MUSKAN DIXIT (40)

मृतकों की शिनाख्त हो चुकी है और शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। घायलों का इलाज वृंदावन और आसपास के अस्पतालों में चल रहा है।

पेशेवर तरीक ढूंढ रहे मृतकों के शव

अधिकारी के अनुसार, पांच लोग अब भी लापता हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पांडेय ने कहा, ''नौका को बरामद कर लिया गया है। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी। पिछले चार घंटे से हम नौका को निकालने की कोशिश कर रहे थे, जो पलटने के बाद गहरे दलदली इलाके में फंस गई थी।'' उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने नौका को निकालने के लिए पेशेवर तरीके से काम किया।

MUSKAN DIXIT (37)

पांडेय ने कहा, ''पांच लोग अब भी लापता हैं। सभी के मिलने तक तलाश अभियान जारी रहेगा।'' डीआईजी ने बताया, ''दुर्घटना में घायल लोगों की हालत स्थिर है। शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है और उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।''

उन्होंने कहा, ''घटना का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। कमियों को दूर कर बेहतर सुरक्षा मानदंड सुनिश्चित किए जाएंगे। दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'' मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने इस घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा, ''मुझे जान-माल के नुकसान के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं भगवान कृष्ण से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और मृतकों के परिजनों को शक्ति देने की प्रार्थना करती हूं।''

MUSKAN DIXIT (41)

पुलिस के अनुसार, पंजाब के पर्यटकों को ले जा रही एक नौका शुक्रवार दोपहर वृंदावन में यमुना नदी में पलट गई, जिससे कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, 22 घायल हो गए और पांच लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना केसी घाट के पास उस समय हुई, जब नौका गहरे पानी में जाने के बाद एक तैरते हुए पोंटून (पीपा पुल का हिस्सा) से टकरा गई।

MUSKAN DIXIT (42)

अधिकारियों के अनुसार, इलाके में जल स्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हाल में हटा दिया गया था, जिससे नदी में कुछ पोंटून खुले रह गए थे। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने पहले छह मौतों की पुष्टि की थी, बाद में बचावकर्मियों ने चार और शव बरामद किए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई।

MUSKAN DIXIT (44)

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मृतकों की पहचान कविता रानी, चरनजीत, सपना हंस, रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल, अंजू गुलाटी, इशान कटारिया और मीनू बंसल के रूप में हुई है। लापता लोगों में माणिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका शामिल हैं। ये सभी पर्यटक पंजाब के लुधियाना और मुक्तसर से वृंदावन आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे।

संबंधित समाचार