Bareilly: वोट की पावर में बिथरी नंबर-1, बरेली कैंट का कुनबा सबसे छोटा

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। नई वोट पावर बरेली को नई दिशा देती नजर आएगी। एसआईआर के अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद जिले की 9 विधानसभाओं में रिकॉर्ड वोट वृद्धि देखने को मिली है। 2,57,920 मत बढ़ोत्तरी के साथ जिले में अब मतदाताओं की संख्या बढ़कर 29,48,987 तक जा पहुंची है। बरेली राज्य के उन चुनिंदा जनपदों में शामिल हैं, जहां वोटों में वृद्धि दर्ज की गई है।

निर्वाचन आयोग के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) के ताजा आंकड़ों ने बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, बरेली शहर, कैंट और आंवला का वोट गणित पूरी तरह बदल गया है। अंतिम मतदाता सूची ने साफ कर दिया है कि बिथरी अब जिले का सबसे बड़ा चुनाव मैदान होगा। यहां मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 3,70,974 हो गई है, जिसमें 2,03,120 पुरुष और 1,67,848 लाख महिलाएं हैं। इसके ठीक विपरीत बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्र मतदाताओं की संख्या के लिहाज से जिले का सबसे छोटा क्षेत्र चुनाव क्षेत्र बना है। कैंट में कुल 2,83,524 मतदाता पंजीकृत हुए हैं। नई वोट पावर सामने आते ही जिले में नए सिरे से चुनावी खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी तरह से भविष्य के लिए गोटियां भी बिछाना शुरू कर दी हैं।

विधानसभाओं में हुआ बड़ा वोट परिवर्तन
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जिले की सभी 9 विधानसभाओं में मतदाताओं की संख्या में भारी फेरबदल हुआ है। बिथरी के बाद भोजीपुरा 3,63,479 मतदाताओं के साथ दूसरे और बरेली शहर 3,51,057 लाख वोटरों के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं, बहेड़ी में 3,41,182 लाख, नवाबगंज में 3,16,495 लाख और मीरगंज में 3,23,007 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के इस मिश्रण में 122 फरीदपुर में 3,02,887 और आंवला में 2,96,382 मतदाता भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। आंकड़ों का यह विस्तार न केवल मतदाताओं की जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि शहरी विस्तार के कारण बिथरी चैनपुर जैसे क्षेत्रों में आबादी का घनत्व तेजी से बढ़ा है। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बीएलओ ने 7.14 लाख से अधिक संदिग्ध मामलों का घर-घर जाकर सत्यापन किया। अभियान के दौरान कुल 2,76,250 नए आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से गहन जांच के बाद 2.64 लाख से अधिक फॉर्म स्वीकृत किए गए। इसके अलावा 25,742 दिव्यांग मतदाताओं की भी मैपिंग की गई। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया बढ़े मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदेय स्थलों की संख्या भी बढ़ाकर 3835 कर दी गई है, ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।


50 हजार से अधिक पहली बार करेंगे वोट की चोट
बरेली की नई मतदाता सूची में सबसे उत्साहजनक पहलू युवाओं की भागीदारी है। इस बार के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान 50,251 ऐसे युवाओं को चिन्हित कर सूची में शामिल किया गया है, जिनकी आयु 18 से 19 वर्ष के बीच है। पहली बार डाले वाले यह युवा और 13.39 लाख महिला मतदाता आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। प्रशासन ने कॉलेज कैंपों और विशेष पंजीकरण अभियानों के जरिए इन फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया है।

आधी आबादी की शक्ति बढ़ी , जेंडर रेशियो 832 में उछाल
प्रशासन के विशेष का ही असर माना जाएगा कि बरेली के जेंडर रेशियो में भी अच्छा सुधार हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 6 जनवरी 2026 को जहां जेंडर रेशियो 815 था, वह अब सुधरकर 832 हो गया है। जिले में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,544 पहुंच गई। ईपी रेशियो (जनसंख्या के मुकाबले मतदाता) की संख्या में भी 4.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अब 51.59 प्रतिशत है। यह वृद्धि दर्शाती है कि शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद अब सूची में वास्तविक और पात्र मतदाताओं की संख्या अधिक सटीक है। इसके अलावा जनपद में कुल 85 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें सर्वाधिक 16 शहर विधानसभा में है, जबकि नवाबगंज में 11 और बरेली कैंट विधानसभा में में 12 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं।

बूथों पर दिव्यांगों की राह होगी आसान, 25 हजार चिन्हित
लोकतंत्र के महापर्व में हर वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने इस बार दिव्यांग मतदाताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। जिले में चलाए गए गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद 25,742 दिव्यांग मतदाताओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में विशिष्ट रूप से चिन्हित किया गया है। डीएम का कहना है कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने और उन्हें बाधा रहित वातावरण प्रदान करना है। इसके लिए चिन्हित दिव्यांगों को मतदान के दिन रैंप, व्हीलचेयर और सहायक जैसी विशेष सुविधाएं प्राथमिकता पर दी जाएंगी। इस पहल से न केवल जिले के मतदान प्रतिशत में सुधार होगा, बल्कि दिव्यांगों का आत्मविश्वास और लोकतांत्रिक सुगमता भी मजबूत होगी।
एक नजर में आवेदनों का लेखा-जोखा

बरेली, अमृत विचार: अभियान के दौरान 27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक जिले की नौ विधानसभाओं से कुल 3,55,331 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें नाम बढ़ाने के लिए आवेदन (फार्म-6) नए मतदाता बनने के लिए कुल 2,76,250 लोगों ने आवेदन किया। जांच के बाद इनमें से 2,64,672 नाम सही पाए गए और उन्हें अंतिम सूची में शामिल किया गया। नाम कटवाने के लिए आवेदन (फार्म-7) सूची से नाम हटवाने या विलोपन के लिए कुल 7,111 आपत्तियां/आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6,103 आवेदनों को स्वीकार करते हुए उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। संशोधन/शिफ्टिंग के लिए आवेदन (फार्म-8) विवरण में सुधार या पता बदलने के लिए कुल 71,970 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 69,539 आवेदनों का निस्तारण कर डेटा में संशोधन किया गया ।

कुछ इस तरह हुई थी प्रकिया की शुरूआत
27 अक्टूबर 2025 को जब इस अभियान की शुरुआत हुई थी, तब प्रारंभिक डेटा के अनुसार जिले में 34.05 लाख मतदाता थे। हालांकि, क्लीन-अप ड्राइव और गहन शुद्धिकरण के बाद 6 जनवरी 2026 को जब आलेख्य प्रकाशन हुआ, तो यह संख्या घटकर 26,91,067 रह गई थी। इसके बाद चले दो महीने के विशेष अभियान में दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंतिम सूची में मतदाताओं का आंकड़ा 29,48,987 पहुंचा। इस दौरान चुनाव आयोग ने वोटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी विस्तार किया है, मतदान केंद्रों की संख्या 1931 से बढ़कर 1940 और मतदेय स्थलों की संख्या 3499 से बढ़कर 3835 हो गई है।
बरेली का नया वोटर डेटा

कुल मतदाता: 29,48,987
पुरुष मतदाता: 16,09,358
महिला मतदाता: 13,39,606
दिव्यांग मतदाता: 25,742
नए युवा मतदाता: 50,251 (18-19 वर्ष)
कुल मतदान केंद्र: 1940
कुल मतदेय स्थल: 3835

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