CHO के कार्यों का नियमित होगा मूल्यांकन: अमित घोष ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर दिया जोर
मोतियाबिंद ऑपरेशन के सत्यापन के लिए राज्य स्तर पर टीम गठन के निर्देश दिए। वेंटिलेटर टेंडर में देरी पर सख्ती, दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिए।
लखनऊ, अमृत विचार: अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने मोतियाबिंद ऑपरेशन के सत्यापन के लिए राज्य स्तर पर विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम मंडलीय स्तर पर भौतिक सत्यापन कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करेगी, ताकि भुगतान प्रक्रिया समयबद्ध हो सके। साथ ही कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के कार्यों का नियमित मूल्यांकन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उप्र. की राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की 136वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक सूचनाओं को समय पर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा अमित कुमार घोष ने वर्ष 2022 से लंबित वेंटिलेटर टेंडर प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने और किसी भी अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कैंसर जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला जल्द आयोजित करने तथा हिमोफीलिया रोकथाम के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत ब्लड बैंकों के आधुनिकीकरण और डे-केयर कैंसर सेंटरों की स्थापना में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बताया गया कि 67 जिलों में प्रस्तावित केंद्रों में से 12 में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि बाकी में कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में 40 वर्ष से अधिक आयु के कार्यरत कर्मचारियों का हर वर्ष स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत प्रत्येक टीम में आवश्यकता अनुसार एक पुरुष कार्यकर्ता को सम्मिलित करते हुए कुष्ठ रोग नियंत्रण (एलसीडीसी) अभियान संचालित करने की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल, विशेष सचिव धीरेंद्र सिंह सचान, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एचडी अग्रवाल, महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ. रंजना खरे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
