पॉवर कॉर्पोरेशन की लेट लतीफी ने गिराई नगर निगम की रैंकिंग, कर करेत्तर वसूली में टॉप फाइव से हुआ बाहर
अयोध्या, अमृत विचार : नगर निगम की कर करेत्तर वसूली में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद पॉवर कॉर्पोरेशन के बकाए की देरी और स्टाम्प ड्यूटी के पैसों के न मिलने से उसकी प्रदेश स्तरीय रैंकिंग को प्रभावित कर दिया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन में पॉवर कॉर्पोरेशन का लगभग चार करोड़ रुपये का बकाया जमा होने के कारण नगर निगम टॉप फाइव में जगह नहीं बना पाया और आठवें स्थान पर सिमट गया। यह अगर पहले जमा हो जाता तो इस बार वसूली में नगर निगम एक अच्छी रैंकिंग पा जाता।
शासन ने कर करेत्तर की वसूली को लेकर प्रदेश के 17 नगर निगमों की सूची जारी कर दी है। पिछले वित्तीय वर्ष में अयोध्या नगर निगम छठवें स्थान पर था, लेकिन इस बार वह और नीचे लुढ़क गया। हालांकि एक सुखद पक्ष यह रहा कि नौवें स्थान पर रहे लखनऊ से आगे रहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस बार गोरखपुर नगर निगम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। गोरखपुर ने पिछले वित्तीय वर्ष से 66 प्रतिशत अधिक वसूली की और कुल 182 करोड़ रुपये जमा किए। वहीं अयोध्या नगर निगम ने पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूला है। इस बार उसने कुल 71.04 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। नगर निगम अब अगले वित्तीय वर्ष में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लिए रणनीति बना रहा है।
