UP: पोते की मौत का सदमा झेल नहीं सकी दादी...फांसी लगाकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बीसलपुर, अमृत विचार। सप्ताह भर पहले सड़क हादसे में पौत्र की मौत हुई। इस अवसाद में दादी ने भी आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी। कुछ ही दूरी पर स्थित अपने खाली पड़े दूसरे मकान में जाकर फंदे से लटककर जान दे दी। परिवार वाले तलाशते हुए दूसरे मकान में पहुंचे तो फंदे से लटकता शव देख होश उड़ गए।  सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जानकारी की। जिसमें परिजन ने पौत्र की मौत के बाद अवसाद में आकर खुदकुशी करने की आशंका जताई। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराने से परिवार ने इनकार कर दिया। घटना के बाद चीख पुकार मची रही।

घटना बीसलपुर क्षेत्र के मोहल्ला दुबे की है। यहां की रहने वाली 58 वर्षीय श्यामकली पत्नी शालिगराम के 18 वर्षीय पौत्र हर्षित राठौर पुत्र सुनील पांच अप्रैल को घरेलू काम से अपने मित्र हर्ष के साथ पीलीभीत गया था। वहां से वापस आते वक्त ग्राम जिरौनिया के नजदीक पहुंचते ही अज्ञात वाहन की टक्कर से हर्षित की मौत हो गई थी, जबकि उसका मित्र हर्ष घायल हो गया था। पौत्र की मौत के बाद से ही बताते हैं कि दादी श्यामकली अवसाद में थी। वह पौत्र हर्षित को याद कर रोती रहती थी। इसी बीच रविवार को उन्होंने खुद की जीवनलीला समाप्त करने की ठान ली। 

बताते हैं कि दोपहर करीब 12 बजे श्यामकली 58 पड़ोस में खाली पड़े दूसरे मकान में चली गई।  इसके बाद वहीं, कुंडे के सहारे रस्सी के बने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। उनका पुत्र सुनील घर पहुंचा और जब मां श्यामकली कहीं दिखाई नहीं दी तो उनके बारे में अन्य परिवार के सदस्यों से जानकारी की। इस पर परिवार वाले उनको तलाशने में जुट गए। जब परिजन पड़ोस में मौजूद दूसरे मकान में पहुंचते तो वृद्धा का फंदे से लटका शव देख होश उड़ गए। चीख पुकार मच गई। 

इस पर आसपास के तमाम लोग भी जमा हो गए।  इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी की।  शव को फंदे से उतारा गया। पौत्र की मौत के अवसाद में ही दादी के खुदकुशी करने की आशंका जताई गई।  पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी की। कोतवाल संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। ऐसे में पंचनामा भरकर शव उनके सुपुर्द कर दिया गया है।

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