नींद है ब्रेन की बैटरी चार्जर! डॉ. आलोक ने बताया कैसे गुणवत्तापूर्ण नींद स्ट्रेस को आनंद में बदल देती है
अयोध्या, अमृत विचार: गुणवत्तापूर्ण नींद ब्रेन-बैटरी चार्ज है। जिससे दिमाग स्ट्रेस-सेंसर को शांत कर नयी चुनौतियों के लिये तैयार होता है। इस कारण स्ट्रेस नकारात्मक रूप डिस्ट्रेस यानि हताशा में न जाकर सकारात्मक रूप में यानि प्रेरक-ऊर्जा में बदल कर यूफोरिया या आनंद में परिवर्तित हो जाता है। इन हार्मोंन से ब्रेन-सॉफ्टवेयर रिफ्रेश होता रहता है। जिससे तनाव, द्वन्द, कुंठा व मनोथकान से उत्पन्न स्ट्रेस-हार्मोन कोर्टिसाल व एड्रेनिल उदासीन होता है।
ये बातें सोमवार को जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहीं। वे डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में उद्यमिता व व्यवसाय प्रबंधन विभाग में आयोजित मेंटल-हेल्थ व्याख्यान सत्र को बतौर विशेषज्ञ संबोधित कर रहे थे।
डॉ. मनदर्शन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण नींद मानसिक लचीलापन या मेन्टल रेजीलिएंस विकसित कर चुनौतियों से लड़ने की क्षमता विकसित करती है। इसकी कमी होने पर स्ट्रेस जनित एंग्जाइटी, अवसाद,एंगर,सब्सटेंस यूज डिसऑर्डर, ओसीडी, इम्पल्स कंट्रोल डिसऑर्डर, कंडक्ट डिसऑर्डर,फैमिली कान्फ्लिक्ट व रिस्क बिहैवियर आदि मनोविकार हो सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने की। प्रो. हिमांशु शेखर के संयोजन में आयोजित व्याख्यान सत्र का संचालन डॉ. राकेश कुमार ने किया। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
