Ambedkar Jayanti: बाबा साहब की जयंती सजे पंडाल... मेले जैसा माहौल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा शहर

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Published By Muskan Dixit
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‘जय भीम’ के नारों और गीतों के साथ दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत

लखनऊ, अमृत विचारः बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह और उल्लास का माहौल है। जयंती की पूर्व संध्या पर ही अंबेडकर पार्क के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे। जगह-जगह पंडाल सजाए गए और बाबा साहब के विचारों को कविताओं व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया गया।

अंबेडकर पार्क के आसपास मेले जैसा माहौल नजर आया। पोस्टर और प्रतिमा की खरीदारी भी खूब हो रही है। लोगों ने उन्हें केवल बाबा साहेब के व्यक्तित्व नहीं बल्कि एक विचारधारा बताते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत स्मारक स्थल के मुख्य द्वार पर हुई। कार्यक्रम की शुरुआत ‘जय भीम’ के गीतों से हुई। गायक राम निवास पासवान ने अपनी मंडली के साथ प्रस्तुति देकर माहौल को भावनात्मक बना दिया। समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि आयोजन दो दिनों तक चलेगा। मंगलवार को श्रद्धालुओं के बीच भोजन, फल और मिष्ठान वितरण किया जाएगा। रैली का आयोजन भी होगा, जिसमें महिलाएं, बच्चे और युवा बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

लोगो से बातचीत

बाबा साहब एक विचारधारा का नाम है, जो देश में नहीं संपूर्ण विश्व में मनाया जाता है। उन्होंने मानवता की बात की समानता की बात की। उन्होंने उन लोगो को जीवन दिया जो बदहाल जिंदगी जीने के लिए मजबूर हुआ करते थे। उन्होंने सभी को समान अधिकार दिया और विश्व का सबसे खूबसूरत संविधान लिखा जिसमें बहुजन समाज और विशेषकर महिलाएं। समाज के सभी लोग बाबा साहब के जन्मदिन को बड़े उल्लास के साथ मनाता है। बाबा साहब कहा करते थे कि मेरी पूजा मत करो मेरे सिद्धांतों पर चलो। उनके संदेश और उनकी शिक्षाओं का सभी को पालन करना चाहिए। मानव कल्याण के लिए उनके सिद्धांतों की हमेशा जरूरत रहेगी।-डॉ. खजाना सिंह

बाबा साहब एक विचार है और सभी देशो को उनकी जरूरत है। उनकी जयंती हम लोग बड़े धूमधाम से मना रहे है। भारत की 90 प्रतिशत जो आबादी थी जो शरीर में कपड़े नहीं थे, लोग नफरत करते थे, खाने को नही था रहने को नही था यहां तक जहां वह खड़े होते थे वह जमीन भी उनकी नहीं होती थी। ऐसी वेदना को ऐसी व्यथा को बाबा साहब ने लंदन में पूरी दुनियां के सामने भारत के हालात का वर्णन किया। बाबा साहब ने हमेशा पीड़ित समाज की आवाज उठाई और शोषित वर्ग को उठाने का कार्य किया।-संघमित्रा गौतम


बाबा भीमराव आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय समन्वय संगठन लक्ष्य का स्टॉल लगा हुआ है जोकि सामाजिक संगठन है। हमें राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। गांव-गांव जाकर हम लोग बहुजन समाज को जागरूक करते है। पिछड़े समाज को उठाने का प्रयास करते है। यदि हमारे बहुजन समाज पर किसी तरह का शोषण होता है तो हमारा संगठन आवाज उठाता है। बाबा साहब ने संविधान बनाकर देश को बहुत बड़ी ताकत दी। वह हमारे मसीहा है अगर वह नहीं होते तो हमें कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं होता। हमारे लिए हर्षोउल्लास का दिन है कल हम लोग रैली निकालेंगे जिसमें महिलाएं बच्चे और युवा सभी शामिल होंगे।–रजनी सोलंकी

 
आंबेडकर जयंती: दीपदान यात्रा, कैंडल मार्च 

अमृत विचार : आंबेडकर जयंती पर बुद्धम नमामि धम्म ध्वज यात्रा संस्थान के तत्वावधान में बुद्ध स्थलि से परिवर्तन चौक तक दीपदान यात्रा निकली। चिंतक, वक्ता और अतिथियों ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला।

जयंती

अध्यक्षता भंते दीपांकर ने की। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. प्रफुल्ल गडपाल मुख्य अतिथि रहे। डॉ. उमाशंकर, बाबू नंदन, ओपी चौधरी, समय सिंह बौद्ध, नीलिमा कुमारी, रेखा, विनोद कुमार, राजन धानुक, श्याम लाल, महेश सत्यार्थी, गोविंद आदि रहे। सभा का संचालन हरीश चंद्रा ने किया। धम्मपालन गाथा के साथ समापन हुआ। 

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