Bareilly : आशा भोसले के निधन के बाद फिर चर्चा में ‘झुमका’

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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मशहूर गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को हुआ निधन

बरेली, अमृत विचार। मशहूर गायिका आशा भोसले के 12 अप्रैल को मुंबई में निधन के बाद बरेली का प्रसिद्ध ‘झुमका’एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। 92 वर्षीय भोसले ने अपने मशहूर गीत झुमका गिरा रे.. के जरिए बरेली को वैश्विक पहचान दिलाई थी। यह गीत 1966 की फिल्म मेरा साया का हिस्सा था, जिसका संगीत मदन मोहन ने तैयार किया था और इसे अभिनेत्री साधना पर फिल्माया गया था।

19 अप्रैल को पड़ने वाले अक्षय तृतीया से पहले बरेली के बाजारों में झुमकों की मांग में तेजी देखी जा रही है। स्थानीय ज्वेलर्स संजीव अवतार अग्रवाल ने बताया कि महिलाएं इस शुभ अवसर पर पारंपरिक आभूषण खरीदने को प्राथमिकता दे रही हैं। आर्टिफिशियल ज्वेलरी कारोबारियों ने बढ़ती मांग को देखते हुए दिल्ली के थोक बाजारों से अतिरिक्त माल मंगाना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं गीत आज भी बरेली की सांस्कृतिक पहचान का सबसे मजबूत प्रतीक है। इसी कारण शहर को ‘झुमका नगरी’ के नाम से भी जाना जाता है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अक्सर इस गीत और झुमके से जुड़ी कहानी के बारे में जानने में दिलचस्पी दिखाते हैं। लोगों में यह उत्सुकता बनी रहती है कि आखिर “झुमका गिरा” कहां था और इसका इतिहास क्या है।

कारोबार में उछाल, देशभर से बढ़ी दिलचस्पी
व्यापारियों का कहना है कि भोसले के निधन के बाद झुमकों को लेकर नई रुचि देखने को मिल रही है। ग्राहक विभिन्न डिजाइन के झुमकों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। बरेली के बाजारों में झुमकों की कीमत 50 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक है, जबकि सोने के झुमके मौजूदा बाजार भाव पर बेचे जा रहे हैं। आर्य समाज गली जैसे बाजारों में रोजाना पांच से आठ लाख रुपये तक का कारोबार हो रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिल रही है।

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