नोएडा में आंदोलन पर सियासी संग्राम तेज, सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट, माकपा प्रतिनिधिमंडल भी रोका गया

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों द्वारा किए आंदोलन की समाप्ति के बाद अब इसने राजनीतिक रूप ले लिया है। मजदूरों की मांगों का मुद्दा बनाकर विभिन्न राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने से उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने शुक्रवार को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर लिया, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रतिनिधिमंडल को नोएडा में प्रवेश से पहले ही रोक दिया गया। 

शुक्रवार को नोएडा सेक्टर 8 क्षेत्र पहुंचने के लिए माकपा नेता एम ए बेबी दिल्ली के चिल्ला क्षेत्र में पहुंचे ही थे कि नोएडा पुलिस ने उन्हें वहीं रोक लिया। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद बेबी भी शामिल थे। हालांकि, पुलिस और प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद माकपा नेताओं ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद उन्हें जिला अधिकारी (डीएम) से मुलाकात के लिए ले जाया गया।

बताया जा रहा है कि सपा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शनकारी मजदूरों से मिलने नोएडा आने वाला था। इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए माता प्रसाद पांडे, सुधीर भाटी, आशा गुप्ता, शाहिद मंजूर, कमाल अख्तर, अतुल प्रधान, पंकज मलिक, शशांक यादव, फकीर चंद्र नागर, राजकुमार भाटी, वीर सिंह यादव और सुनील चौधरी समेत कई नेताओं को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। 

सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए भाजपा सरकार पर मजदूरों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, माकपा का प्रतिनिधिमंडल भी मजदूरों से मिलने नोएडा पहुंचा लेकिन उन्हें डीएनडी बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। बॉर्डर पर पहले से भारी पुलिस बल तैनात था और किसी भी बाहरी प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। 

पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में माकपा नेता वहीं धरने पर बैठ गए। वर्तमान स्थिति को देखते हुए नोएडा पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। डीएनडी और चिल्ला बॉर्डर पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी, जबकि श्रमिकों का आंदोलन और राजनीतिक बयानबाजी फिलहाल जारी है। 

सपा नेता माता प्रसाद पाण्डेय बताया जा रहा है कि सपा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शनकारी मजदूरों से मिलने नोएडा आने वाला था। इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए माता प्रसाद पांडे, सुधीर भाटी, आशा गुप्ता, शाहिद मंजूर, कमाल अख्तर, अतुल प्रधान, पंकज मलिक, शशांक यादव, फकीर चंद्र नागर, राजकुमार भाटी, वीर सिंह यादव और सुनील चौधरी समेत कई नेताओं को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए भाजपा सरकार पर मजदूरों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। 

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