Bareilly : बरेली में दिखेंगे पर्यटन के नए रंग, विकास को लगेंगे पंख

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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आनंद आश्रम, त्रिवटीनाथ, बड़ा बाग हनुमान मंदिर समेत कई पर्यटन स्थलों का होगा विकास

बरेली, अमृत विचार। बरेली में पर्यटन के नए रंग देखने को मिलेंगे। धार्मिक आस्था के केंद्रों के साथ रोजगार और स्थानीय विकास को रफ्तार मिलेगी। जिले में पर्यटन विकास को गति देने के लिए 13 महत्वपूर्ण योजनाओं शासन स्तर से मंजूरी दी गई है। इससे न सिर्फ मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों की सूरत बदलेगी, बल्कि आसपास के गांवों और छोटे कारोबारियों के लिए भी आय के नए रास्ते खुलेंगे। युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिलने की संभावना रहेगी।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना है। इसमें शहर के बीचों-बीच स्थित आनंद आश्रम में 90.51 लाख से पर्यटन विकास का कार्य किया जाएगा। यहां यात्री विश्राम गृह, पाथवे, हॉर्टीकल्चर वर्क आदि किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से 53 लाख रुपये जारी भी हो गए। बड़ा बाग हनुमान मंदिर में पर्यटन और अवस्थापना सुविधाओं का विकास कार्य 355.54 लाख रुपये से किया जाएगा। इसमें मल्टीपर्पज हॉल/धर्मशाला, मेन द्वार, हॉर्टीकल्चर वर्क आदि कार्य किए जाएंगे। इसके लिए 70 लाख रुपये जारी हो गए हैं। वहीं, श्रीरामजानकी मंदिर (सीताराम मंदिर) में 296.63 लाख से पर्यटन विकास के कार्य होंगे। इसके लिए 70 लाख जारी कर दिए गए हैं।

सात नाथ मंदिर के प्राचीनतम नाथ मंदिर बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में 195.39 लाख की लागत से फसाड लाइटिंग का कार्य किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से 100 लाख जारी कर दिए गए हैं। साथ ही अहिच्छत्र के समेकित विकास के लिए 213.40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां यात्री विश्राम गृह, पाथवे और हरित विकास कार्य कराए जाएंगे। महाभारत कालीन द्रोपदी स्वयंवर थीम पार्क के लिए 99.02 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। जिससे ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

इको टूरिज्म के तहत लीलौर झील और ढिलवारी राम कटोरा ताल के विकास के लिए 295.17 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में सिरोही के पहलऊनाथ, सिसैया मगनपुर के प्राचीन शिव मंदिर, लालपुर के ठाकुरजी मंदिर स्थल और पूर्णागिरी शिव मंदिर के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इन स्थानों पर यात्री विश्राम गृह, मल्टीपरपज हॉल, पेयजल, स्वच्छता, ऊर्जा जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। इन योजनाओं से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। बरेली की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद जिले में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। -मनीष सिंह, पर्यटन सूचना अधिकारी।

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