बाराबंकी : अधूरी पाइपलाइन से बेकार पड़ा सरकारी ट्यूबवेल, सिंचाई को तरसे किसान

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Published By Deepak Mishra
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रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। ब्लॉक बनीकोडर के वजीउद्दीनपुर गांव में करोड़ों की लागत से स्थापित सरकारी ट्यूबवेल अधूरी पाइपलाइन के कारण किसानों के किसी काम नहीं आ रहा है। 3-4 वर्ष पहले लगाए गए इस ट्यूबवेल का उद्देश्य चारों दिशाओं में पाइपलाइन बिछाकर खेतों तक पानी पहुंचाना था, लेकिन केवल तीन दिशाओं में ही कार्य पूरा किया गया, जबकि पूर्व दिशा पूरी तरह उपेक्षित रह गई।

ग्रामीणों के अनुसार, इस लापरवाही के चलते सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन पानी के अभाव में सूखी पड़ी है और किसान महंगे निजी नलकूपों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। किसानों ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर कार्य अधूरा छोड़ा गया है।

उनका कहना है कि यदि पाइपलाइन को जानकी प्रसाद या मान बहादुर के खेत तक बढ़ा दिया जाए तो बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिल सकती है। मामले को लेकर ग्रामीण कई बार तहसील दिवस और अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। हाल ही में जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र पर जांच के आदेश भी हुए, फिर भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज ग्रामीण इसे प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी बता रहे हैं।

ग्रामीणों ने नलकूप विभाग पर उच्च स्तर पर गलत रिपोर्ट भेजकर मामले को दबाने का भी आरोप लगाया है। अब किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि अधूरी पाइपलाइन का कार्य पूरा कर खेतों तक सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जाए।

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