गोरखपुर : तहसील दिवस में अधिकारियों ने 180 सुनी शिकायतें, मौके पर 18 का निस्तारण

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Published By Deepak Mishra
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के सदर तहसील सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की संयुक्त अध्यक्षता में यशनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में दूर.दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित समाधान कराया गया।

आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि तहसील दिवस में कुल 180 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे जिनमें से 18 मामलों का तत्काल निस्तारण कर दिया गया जबकि शेष मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एएसपी, सीओ कैंट अरुण कुमार, सीएमओ डॉ. राजेश झा, जिला विकास अधिकारी सतीश चंद्र सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।

तहसील दिवस में सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत, चकबंदी और पारिवारिक विवादों से जुड़ी रहीं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने एक अधिवक्ता की जमीन पर भू.माफिया द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की जिस पर डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तहसीलदार को तहसील दिवस समाप्त होते ही मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डीएम ने दो टूक कहा कि सरकारी या निजी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। किसान अभिषेक उपाध्याय ने शिकायत की कि उन्होंने 250 कुंतल धान बेचा मगर केवल 125 कुंतल का ही भुगतान मिला है।

इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर शेष भुगतान कराने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान किसान ने बताया कि वह भुगतान के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है। राजस्व मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय तहसील दिवस में वरासत, नामांतरण और पैमाइश से जुड़े कई मामले सामने आए।

डीएम ने निर्देश दिया कि 'एक ही प्रकरण में बार.बार जांच कर लोगों को परेशान न किया जाए' और यदि जांच आवश्यक हो तो उसी लेखपाल को दोबारा जांच न सौंपी जाए, बिना ठोस आधार के एक जैसी रिपोर्ट लगाना अनुचित है एक मामले में लेखपाल को मौके पर बुलाकर डीएम ने नाराजगी जताई और तुरंत सही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

साथ ही कहा कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। एक प्रकरण में मंदिर की जमीन को अपने नाम दर्ज कराने की कोशिश की जा रही थी। इस पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कहा कि मंदिर की जमीन मंदिर के नाम ही दर्ज रहेगी उसमें किसी भी प्रकार का निजी नामांतरण नहीं किया जाएगा।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब कोई भी फाइल मैन्युअल रूप में स्वीकार नहीं की जाएगी, सभी कार्य ई.फाइलिंग प्रणाली के तहत ही होंगे। यदि कोई अधिकारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की जाएगी।

तहसील दिवस में एक फरियादी शादी के लिए गैस सिलेंडर की समस्या लेकर पहुंचा जिस पर डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी ;डीएसओ. द्वारा तत्काल व्यवस्था कराकर सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से फरियादी को तत्काल राहत मिली और उसने आभार जताया। तहसील दिवस में आए पुलिस संबंधी प्रकरणों की सुनवाई एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने की।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद मकान खाली न कराने के मामले में पुलिस व राजस्व टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश चकबंदी से जुड़े मामलों में सरकारी जमीन को अभिलेखों में दर्ज कराने का निर्देश पैमाइश विवाद में राजस्व टीम बनाकर मौके पर माप कराने के निर्देश रजिस्ट्री के बाद कब्जा न मिलने के मामलों में तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

तहसील दिवस में डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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