कानपुर : जिलाधिकारी ने किया गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण, क्रय स्थल की जर्जर सीढ़ियों को देख जताई नाराजगी

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को कानपुर की नरवल तहसील अंतर्गत बौसर स्थित गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ग्राम बसौर निवासी किसान रामकिशोर के गेहूं की खरीद प्रक्रिया चल रही थी। 

जिलाधिकारी ने पूरी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने मौके पर किसानों से सीधे संवाद कर तौल, भुगतान और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। तौल प्रक्रिया की निगरानी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्रय स्थल की जर्जर सीढ़ियों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी 63 गेहूं क्रय केंद्रों पर इस वर्ष फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। जिन किसानों का पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें वापस नहीं लौटाया जाएगा, बल्कि केंद्र पर ही तैनात कार्मिक तत्काल रजिस्ट्री कराकर खरीद सुनिश्चित करेंगे। 

इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर एक-एक कार्मिक की ड्यूटी लगाई गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि क्रय केंद्र पर आने वाले हर किसान के गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाएगी और छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है।

उन्होंने सभी केंद्रों पर छाया, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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