यूपी में गर्मी का टॉर्चर शुरू: लखनऊ में तेज धूप ने किया परेशान, कई किमी. पैदल चलकर भक्त पहुंच रहे राम मंदिर
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि कई जिलों में लू और गर्म रात की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन के मुताबिक 25 अप्रैल तक बारिश के कोई आसार नहीं हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि 19 से 23 अप्रैल के बीच दक्षिणी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय कहीं-कहीं लू चलने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भागों में कुछ स्थानों पर गर्म रात की स्थिति भी रह सकती है। 24 और 25 अप्रैल को किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। प्रदेश में शनिवार को तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। बांदा 44.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा।
इसके अलावा प्रयागराज में 43.2 डिग्री, झांसी में 43.1 डिग्री, वाराणसी में 43.0 डिग्री, सुल्तानपुर में 42.8 डिग्री, लखनऊ में 41.0 डिग्री और गोरखपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुष्क हवाएं, तेज धूप और नमी में कमी के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
राजधानी में शनिवार को सुबह से निकली तेज धूप ने पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा दिया। यह इस सीजन में पहली बार 40 डिग्री से ऊपर पहुंचकर 41 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 24 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक था।
सुबह से तेज धूप में तपिश ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा रहा, लोग घरों से बाहर कम निकले। धूप से बचने के लिए लोग छांव का सहारा लेते दिखे। मौसम विभाग ने रविवार को भी तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। तेज धूप के बीच 1 से 2 डिग्री सेल्सियस पारा चढ़ने की संभावना है।
कड़ी धूप में कई किमी. पैदल चलकर भक्त पहुंच रहे राम मंदिर
रामनगरी में इन दिनों कड़ी धूप श्रद्धालुओं की आस्था की परीक्षा ले रही है। जिले में शनिवार को तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रामपथ व भक्तिपथ पर छांव के पर्याप्त इंतजाम न होने से श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ रहा है। इसका असर है कि श्रद्धालुओं से हमेशा भरी रहने वाले रामपथ व धर्मपथ पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा दिख रहा है। ज्यादातर श्रद्धालु सुबह व शाम के समय दर्शन पूजन कर रहे हैं।
रामपथ-धर्मपथ पर नहीं हैं छांव के इंतजाम
पर्याप्त साधनों के अभाव में श्रद्धालुओं को धर्मपथ व रामपथ की करीब तीन किमी. की दूरी तय करने पड़ रही है। हाईवे स्थित साकेत पेट्रोल पंप से करीब एक किमी. की दूरी पर स्थित लता चौक तक पहुंचने के लिए साधन के नाम पर सिर्फ गोल्फकार्ट ही है, लेकिन इनका किराया अधिक होने के कारण आम श्रद्धालु इससे परहेज करते हैं। इसके चलते उन्हें यह पैदल ही दूरी नापनी पड़ती है। वहीं, लता चौक से राम मंदिर जाने के लिए सिटी ई-बस व गोल्फकार्ट की सेवा है। अधिकतर लोग सिटी ई-बस सेवा का ही प्रयोग करते हैं। इस मार्ग पर पहले स ही ई-रिक्शा संचालन पर रोक लगी है।
ई-रिक्शा संचालन पर पहले से रोक, गोल्फकार्ट वसूलती मनमाना किराया, ई-बस बनीं सहारा
वहीं, पैदल राम मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कड़ी धूप में पसीना बहाना पड़ रहा है। धर्मपथ से लता चौक व यहां से रामपथ होते हुए राम मंदिर व हनुमानगढ़ी तक जाने वाले मार्ग पर कहीं भी छांव के प्रबंध नहीं हैं। कुछ एक जगहों पर अस्थायी छाया की कोशिशें हुई हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं हैं। कड़ी धूप में खुली सड़कों पर चलते हुए भक्त पानी की बोतलें थामे आगे बढ़ रहे हैं। राम की पैड़ी पर कुछ श्रद्धालु गर्मी से बचने के लिए स्नान कर रहे हैं, लेकिन यह राहत क्षणिक ही साबित हो रही है।
ई-बस से शनिवार कोराम मंदिर जा रहे पंजाब के फिरोजपुर जिले से आए श्रद्धालु मोहन अरोरा, सीमा, निकिता आदि ने कहा कि गर्मी है, लेकिन भक्ति ठंडी नहीं हो सकती। रामनगरी को श्रद्धालु अनुकूल बनाने के लिए छांव, सस्ती और सुरक्षित परिवहन तथा बेहतर यातायात प्रबंधन की सख्त जरूरत है।
लोग बोले, पर्याप्त नहीं है सिटी ई बस की संख्या
-रामपथ पर लता चौक से सहादतगंज तक के मार्ग पर वर्तमान में इस मार्ग पर 12 ई-बसों का संचालन हो रहा है। लेकिन लाखों श्रद्धालुओं के प्रतिदिन आवागमन को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं है। वातानुकूलित बस होने के कारण स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं की यह पहली पसंद है। इसके चलते यह बसें हमेशा फुल रहती हैं। ई-बस में सवार अयोध्या निवासी ललित, प्रियांशु आदि का कहना है कि बसों की संख्या में कमी के चलते इसमें हमेशा भीड़ बनी रहती है। ई-बस सेवा के मैनेजर अनूप अवस्थी का कहना है कि भीड़ के अनुसार बसों के फेरे बढ़ाए जाते हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास रहता है।
वाटर स्प्रिंकलर से हो रहा सरयू जल का छिड़काव
रामनगरी में भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को राहत प्रदान करने हेतु नगर निगम अयोध्या द्वारा प्रमुख मार्गों एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में वाटर स्प्रिंकलर के माध्यम से नियमित जल का छिड़काव कराया जा रहा है। स्प्रिंकलर मशीनों में पवित्र सरयू नदी का जल भरा जाता है और हल्की-हल्की फुहारें छोड़ी जा रही हैं। इससे न सिर्फ वातावरण में नमी घुलती है, बल्कि मार्गों पर उड़ रही धूल भी नियंत्रित हो रही है। नगर आयु जयेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक स्प्रिंकलर मशीन को नियमित रूप से चलाया जा रहा है। इस पहल से न केवल गर्मी से राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि वायु गुणवत्ता में सुधार एवं धूल एवं प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी सहायक हो रहा है।
स्कूलों का समय बदलने की मांग
लगातार बढ़ रही गर्मी और तेज धूप के कारण शिक्षक नेता अनूप द्विवेदी ने जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित एक पत्र में कहा कि दोपहर दो बजे तक बच्चों को स्कूल में बैठाना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। ऐसे मौसम में स्कूल का समय सुबह जल्दी करके सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर देना ज्यादा सुरक्षित और व्यावहारिक होगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अवधेश यादव ने भी समय परिवर्तन की मांग की है।
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