अक्षय तृतीया पर मथुरा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, बांकेबिहारी के दुर्लभ 'चरण दर्शन' के लिए भक्तों की लंबी कतार
मथुरा। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर धर्मनगरी वृंदावन में भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। अपने आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दुर्लभ 'चरण दर्शन' की एक झलक पाने के लिए देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मान्यता है कि वर्ष में केवल इसी दिन ठाकुरजी के चरणों के दर्शन होते हैं, जिसके चलते सोमवार तड़के से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं।
जैसे ही मंदिर के पट खुले, घंटों से प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालु 'बांके बिहारी लाल की जय' के जयकारे लगाते हुए मंदिर में प्रवेश करने लगे। जैसे ही भक्तों की मनोकामना पूर्ण हुई और उन्हें ठाकुरजी के श्रीचरणों के दर्शन प्राप्त हुए, माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर हाथ उठाकर नाचने लगे, तो कई अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए प्रभु का आभार प्रकट करते दिखे। गर्मी के मद्देनजर मंदिर के सेवायत स्वामियों द्वारा ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
बांके बिहारी जी के पूरे श्रीविग्रह पर गुलाब जल मिश्रित मलय चंदन का लेपन किया गया। प्रभु को पीत (पीले) वस्त्रों और स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया, जबकि उनके चरणों में विशेष रूप से **रजत पायल** पहनाई गई थी। ठाकुरजी के चरणों में चंदन का एक विशाल गोला भी रखा गया। भोग के रूप में उन्हें सत्तू, आम का पना और अन्य शीतल पेय पदार्थ अर्पित किए गए। प्रशासनिक मुस्तैदी और तकनीक का सहारा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहा।
मंदिर की हाई पावर्ड कमेटी ने भीड़ के दबाव को कम करने और दर्शन सुगम बनाने के लिए मंदिर के बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई थीं, ताकि जो भक्त भीतर नहीं पहुंच पा रहे, वे लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए दर्शन कर सकें। मंदिर की ओर आने वाली गलियां भक्तों के रेले से पटी रहीं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण दर्शन का क्रम अनवरत चलता रहा। सेवायत गोपी गोस्वामी ने बताया कि अक्षय तृतीया पर ठाकुरजी का यह रूप अत्यंत दुर्लभ है, जो भक्तों को अक्षय पुण्य प्रदान करने वाला माना जाता है।
