IIT Kanpur : आयुर्वेद चिकित्सा को दुनिया की मान्यता दिलाएगा आईआईटी कानपुर

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Published By Deepak Mishra
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राज्य सरकार के सहयोग से आईआईटी कानपुर में जल्द खुलेगा विश्वस्तरीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र

कानपुर, अमृत विचार। आयुर्वेद की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता सिद्ध करके वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर ने राज्य सरकार के सहयोग से विश्वस्तरीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की दिशा में कदम आगे बढ़ा दिए हैं। प्रदेश शासन ने इस संबंध में आईआईटी के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र में आयुर्वेदिक दवाओं का सत्यापन-परीक्षण करके वैधता जांचने के बाद वैज्ञानिक प्रमाणीकरण करके उपचार की सही पुष्टि की जाएगी। आईआईटी में खुलने वाले आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र में आयुर्वेद दवाओं को अंतराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त क्लीनिकल प्रमाणीकरण प्रदान किया जाएगा। इस तरह का यह देश का पहला केंद्र होगा, जो पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक मान्यता और तकनीक के साथ जोड़ेगा।

जानकारी के मुताबिक आईआईटी के प्रस्ताव में इस केंद्र की स्थापना पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाते हुए, इसे राज्य सरकार द्वारा वहन करना प्रस्तावित किया गया है। प्रस्ताव को राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद संस्थान ने केंद्र के लिए परिसर में स्थान चयनित करने की कार्यवाही आरंभ कर दी है।

संस्थान निदेशक का कहना है कि केंद्र की स्थापना के लिए परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध है। अभी आयुर्वेद दवाओं के संबंध में वैज्ञानिक अनुसंधान संबंधी प्रमाणिकता की समस्या सामने आती है, संस्थान की लैब में इस संबंध में प्रयोग करके दवा की वैधता, उपचार, प्रभाव का अध्ययन करके साइंटिफिक वैलिडेशन किया जाएगा। संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का काम पहले ही तेजी से चल रहा है, यह केंद्र उसके बेहतर संचालन में भी मददगार बनेगा।  

हर्बल गार्डेन में उगाई जाएंगी विभिन्न दुर्लभ जड़ी-बूटियां 

केंद्र की स्थापना के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के लिए हर्बल गार्डेन भी बनाया जाना है, जिसमें विभिन्न प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियां उगाई जाएंगी। आइआइटी में लघु वन उपज का उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर भी काम चल रहा है। इसमें छात्र-छात्राएं तो लघु वन उपज से संबंधित शोध व प्रयोग करने के साथ अपना  स्टार्टअप भी शुरू कर सकेंगे।

संस्थान में आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र की स्थापना पर राज्य सरकार ने सहमति जताई है, अब इस संबंध में वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। केंद्र में आयुर्वेदिक दवाओं का वैज्ञानिक प्रमाणीकरण किया जाएगा, इससे देश की प्राचीन आयुर्वेद पद्धति को उपचार की दृष्टि से वैश्विक मान्यता मिलेगी... प्रो. मणिन्द्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी, कानपुर।

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