Moradabad: शराब से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा फास्ट फूड, युवाओं के लिए साइलेंट खतरा

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। बदलती खानपान की आदतें अब स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगी हैं। चिकित्सकों के अनुसार शराब से ज्यादा फास्ट फूड और अत्यधिक चिकनाई युक्त भोजन अब लिवर के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। स्थिति यह है कि हर तीसरे व्यक्ति में फैटी लिवर की समस्या सामने आ रही है, जिसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो शराब का सेवन नहीं करते।

गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार अरोरा के अनुसार पहले लिवर की बीमारियां मुख्य रूप से शराब सेवन से जुड़ी होती थीं, लेकिन अब मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन एसोसिएटेड स्टीटोहेपेटिक लिवर डिजीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अल्ट्रासाउंड जांच में ऐसे कई मरीजों में लिवर पर फैट जमा होने की पुष्टि हो रही है। खास बात यह है कि शुरुआती अवस्था में इस बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिससे लोग समय रहते सचेत नहीं हो पाते।

उन्होंने बताया कि चिंताजनक पहलू यह भी है कि 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों में भी फैटी लिवर के मामले सामने आ रहे हैं। मोटापे से ग्रस्त बच्चों में इसका खतरा और अधिक होता है। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी में बदल सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि शुरुआती स्तर पर फैटी लिवर को जीवनशैली में बदलाव कर नियंत्रित और ठीक किया जा सकता है। वहीं, शराब से होने वाली लिवर समस्याओं में भी सुधार संभव है, यदि व्यक्ति समय पर शराब का सेवन पूरी तरह छोड़ दें।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें।
- फलों और साबुत अनाज का अधिक सेवन करें।
- फास्ट फूड से दूरी बनाएं, घर का संतुलित आहार लें।
- बढ़ते वजन को नियंत्रित रखें।
- नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें।
- शराब का सेवन पूरी तरह त्यागें।

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