Uttrakhand:मां, भाई और गर्भवती भाभी के कातिल की फांसी पर 20 मई को होगी सुनवाई
नैनीताल, अमृत विचार। अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर निर्ममता से हत्या करने के दोषी को निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा के मामले पर अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने 20 मई की तिथि नियत की है।
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि घटना के समय आरोपी किसी मानसिक रोग से ग्रसित तो नहीं था, उसकी क्या जांच हुई? जिस पर सरकार की तरफ से कहा गया कि वह किसी मानसिक रोग से ग्रसित नहीं था। पूर्व में आरोपी के कथित तौर पर मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के सम्बन्ध में सुनवाई नहीं हुई थी इसलिए हाईकोर्ट ने इस मामले में दोबारा से सुनवाई करने के आदेश दिए थे। जिस पर निचली अदालत ने दोबारा ने सुनवाई करते हुए उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा।
फिर से अपने आदेश की पुष्टि के लिए निचली अदालत ने सोमवार को हाईकोर्ट को रिफरेंस आदेश भेजा था। मामले के अनुसार, टिहरी गढ़वाल के गुमाल गांव निवासी संजय सिंह ने 13 दिसम्बर 2014 को मामूली बात पर अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर हत्या कर दी थी। दोषी संजय को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने अगस्त 2021 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। जिसे आरोपी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
