ईरान जंग का असर : ईंधन की कमी और महंगाई की मारझेल रही एयरलाइन कंपनियां, लुफ्थांसा एयरलाइन ने रद्द कीं 20,000 उड़ानें 

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Published By Anjali Singh
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लास वेगास। लुफ्थांसा एयरलाइंस और अन्य यूरोपीय एयरलाइन का मालिकाना हक रखने वाली जर्मन कंपनी ने मंगलवार को कहा कि ईरान युद्ध के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि और कुछ देशों में विमान ईंधन की कमी की चिंताएं गहराने के मद्देनजर वह अक्टूबर तक छोटी दूरी की 20,000 उड़ानों में कटौती करेगी। 

लुफ्थांसा समूह ने कहा कि कम मुनाफे वाले मार्गों में संचालित होने वाली उड़ानों को रद्द करने से लगभग 40,000 मीट्रिक टन विमान ईंधन के बराबर बचत होगी। कंपनी ने पिछले सप्ताह लागत कम करने के लिए अपनी एक क्षेत्रीय सहायक कंपनी 'सिटीलाइन' को बंद कर दिया। 

कंपनी ने कहा कि उसने योजनाबद्ध तरीके से कई केंद्रों का एकीकरण किया है जिसमें लुफ्थांसा एयरलाइन, ऑस्ट्रियन एयरलाइन, ब्रसेल्स एयरलाइन, स्विस और आईटीए एयरवेज के साथ-साथ ब्रसेल्स, रोम, वियना और ज्यूरिख में स्थित केंद्र भी शामिल होंगे। 

फरवरी के अंत में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए तब से कुछ बाजारों में विमान ईंधन की कीमत दोगुनी से भी अधिक हो गई है। यात्रियों पर इसका असर पहले से दिख रहा है जो कुछ मार्गों पर उड़ान विकल्पों में कमी और गर्मियों के मौसम में बढ़ते शुल्क तथा किराए में वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है, वहीं कई एयरलाइन बैग जांच के शुल्क में वृद्धि कर रही हैं या ईंधन अधिभार जोड़ रही हैं। 

ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी लड़ाई ने दुनिया भर में ईंधन की कीमतों और आपूर्ति को बाधित कर दिया है। लुफ्थांसा ने कहा कि उसने ''आने वाले हफ्तों के लिए'' पर्याप्त जेट ईंधन सुरक्षित कर लिया है और गर्मियों के दौरान अपनी ईंधन आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए ''विभिन्न उपायों पर काम कर रही है'' जिसमें ''जेट ईंधन की भौतिक खरीद'' भी शामिल है। लुफ्थांसा एयरलाइन परिचालन में कटौती करने वाली अकेली एयरलाइन नहीं है।

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