बहराइच : भारत-नेपाल सीमा पर 85 लाख रुपये की भारतीय और नेपाली मुद्रा जब्त, 6 लोग हिरासत में
बहराइच। बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम ने 85 लाख रुपये से अधिक मूल्य की भारतीय और नेपाली मुद्रा जब्त की और छह लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए रुपईडीहा थाने की पुलिस और एसएसबी ने सीमा क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान मंगलवार को नकदी बरामद की गई।
पुलिस के मुताबिक, छह लोगों के कब्जे से 16.5 लाख रुपये मूल्य की भारतीय मुद्रा और 69 लाख रुपये मूल्य की नेपाली मुद्रा बरामद की गई। पुलिस ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में दो नेपाली नागरिक - राजेश प्रसाद सोनार और प्रताप सिंह जयसवाल - और बहराइच के रुपईडीहा क्षेत्र के चार निवासी शामिल हैं, जिनकी पहचान विजय कुमार अग्रवाल, रामगोपाल शुक्ला, मोतीलाल और दीपक कुमार निषाद के रूप में की गई है।
पुलिस, एसएसबी और आयकर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दोनों नेपाली नागरिक 'जय गुरुदेव' (एक आध्यात्मिक संगठन) के अनुयायियों से जुड़ी पोशाक पहने हुए थे। सभी छह को हिरासत में ले लिया गया है और एसएसबी, स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और आयकर अधिकारियों द्वारा रुपईडीहा पुलिस स्टेशन में उनसे पूछताछ की जा रही है।
एक अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने दावा किया कि पैसा लखनऊ में जय गुरुदेव के अनुयायियों से दान के रूप में प्राप्त किया गया था और नेपाल के बांके जिले में मंदिर निर्माण के लिए था। पुलिस ने कहा कि पूरी रकम शुरुआत में भारतीय मुद्रा में थी, जिसे रुपईडीहा में स्थानीय स्तर पर नेपाली मुद्रा में बदल दिया गया, जबकि 16.5 लाख रुपये भारतीय मुद्रा में ही रह गए।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर सीमा पार हस्तांतरण के लिए भारतीय मुद्रा को नेपाली मुद्रा में बदलने की बात स्वीकार की है, जिससे हवाला जैसे अवैध लेनदेन का संदेह पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों द्वारा जब्त नकदी के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया है और वह आगे की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों द्वारा किए गए दावों का सत्यापन किया जा रहा है और अगर जरूरत पड़ी तो लखनऊ में मामले से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
