UP: सौंधन किले से अतिक्रमण हटाने को गरजा बुलडोजर, चार मकान ध्वस्त, 35 और जद में
संभल/सौंधन। ऐतिहासिक महत्व के सौंधन किले को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। रविवार को डीएम राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई कर किले परिसर में अवैध रूप से बनाए गए चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि कई अन्य मकान मालिकों ने खुद ही अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए। कुल 35 मकान कार्रवाई की जद में हैं। किले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3600 वर्ग मीटर है।
रविवार सुबह हल्का लेखपाल नीरज कुमार और कानूनगो राजस्व टीम के साथ सौंधन किला परिसर पहुंचे। टीम ने किले के अंदर अवैध रूप से मकान बनाकर रहे लोगों को मकान खाली करने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में बुलडोजर भी पहुंच गया। बुलडोजर को देख कई लोग सामान निकालने लगे और कुछ ने स्वयं ही निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया। वहीं चार मकानों को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ मकान स्वामियों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि यदि उन्हें पहले से कार्रवाई के बारे में सूचना दी जाती तो वे खुद ही अतिक्रमण हटा लेते।
हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में कई बार मौखिक और लिखित रूप से चेतावनी दी जा चुकी थी। सूचना मिलने पर सौंधन चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि किले के भीतर लगभग 35 मकान बने हुए हैं, जो अतिक्रमण की जद में हैं। इन सभी को चिन्हित कर लिया गया है और चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में किले परिसर में अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को डीएम और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने किले का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में रविवार को अभियान की शुरुआत की गई।
प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी
सौंधन किले का सौंदर्यीकरण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है। प्रशासन अब इसे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर भव्य स्वरूप देना चाहता है। योजना के तहत किले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिससे न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद किले की वास्तविक भव्यता सामने आएगी और यहां पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा।
सौंधन किले के सौंदर्यीकरण को लेकर कब क्या हुआ
5 जनवरी 2025 को डीएम राजेंद्र पैंसिया ने सौंधन किले का पहली बार निरीक्षण किया। उस समय किला जर्जर अवस्था में मिला, जिसके बाद संरक्षण और मरम्मत के निर्देश दिए गए। जून 2025 में एएसआई द्वारा सौंधन किले के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया गया। कार्य के लिए राजस्थान और झांसी से कारीगर बुलाए गए, जिन्होंने किले की संरचना को नया रूप दिया।. 16 फरवरी 2026 में किले का मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया। इस पर करीब 29 लाख रुपये की लागत आई।
