लखनऊ में डॉक्टर करेंगे जनगणना, सीनियर को भी करनी पड़ेगी ड्यूटी, आदेश जारी
लखनऊ, अमृत विचार : आगामी जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
बीआरडी अस्पताल 100 से अधिक बेड की क्षमता वाला अस्पताल हैं। यहां प्रतिदिन 1100 से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। डॉक्टर, पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को जनगणना कार्य में लगा दिया गया है। स्थिति यह है कि अस्पताल के सीएमएस, एमएस, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, फार्मासिस्ट, ईएमओ, इमरजेंसी वार्ड ब्वॉय और नर्सिंग स्टाफ तक को ड्यूटी में शामिल कर लिया गया है। सभी को 28 अप्रैल को प्रशिक्षण में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में 20 अप्रैल को जिलाधिकारी और 22 अप्रैल को नगर आयुक्त को पत्र भेजकर इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद कर्मचारियों को ड्यूटी से छूट नहीं दी गई। हालांकि फिलहाल अस्पताल ने किसी भी स्टाफ को प्रशिक्षण के लिए नहीं भेजा है।
इसी तरह ठाकुरगंज टीबी संयुक्त चिकित्सालय में भी दो फार्मासिस्ट और दो कार्यालय कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी में लगाया गया है। इसके अलावा सीएमओ कार्यालय के अधीन एक चिकित्सक और कंट्रोल रूम के एक कर्मचारी को भी इस कार्य में लगाया गया है। हालांकि सीएमओ कार्यालय का दावा है कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक सूची प्राप्त नहीं हुई है, जबकि कई कर्मचारी ड्यूटी लगने की शिकायत कर रहे हैं। वहीं बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, रामसागर मिश्र और चंदर नगर संयुक्त चिकित्सालय के प्रभारियों ने अपने यहां से किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी लगाए जाने से इनकार किया है।
वहीं इस मामले में नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है कि बीआरडी अस्पताल के सभी स्टाफ की ड्यूटी लगने की जानकारी। यदि किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी गलत लगी है, तो शिकायत का संज्ञान लेकर उसे संशोधित कराया जाएगा।
