2007 के बाद पहली बार ऐसा योग, पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, 2 मई से शुरू होंगे भंडारे

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Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचारः ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल 5 मई को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। बड़े मंगल को कई स्थानों पर बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में भव्य श्रृंगार, पूजा-पाठ और भंडारों का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

काशी पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा और अधिक मास के कारण यह अवधि सामान्य से बढ़कर 59 दिनों की हो जाएगी। इस दौरान कुल आठ बड़े मंगल पड़ेंगे, जिनकी तिथियां 5, 12, 19, 26 मई तथा 2, 9, 16 और 23 जून हैं। इनमें 5, 12 मई और 16, 23 जून को शुद्ध ज्येष्ठ मंगल होंगे, जबकि 17 मई से 15 जून तक अधिक मास रहेगा, जिसमें 19, 26 मई और 2, 9 जून को अधिक ज्येष्ठ मंगल पड़ेंगे।

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार इसी अद्भुत खगोलीय और ज्योतिषीय संयोग के चलते इस वर्ष भक्तों को बल्कि पूरे 8 बड़े मंगल के पावन अवसर प्राप्त होंगे, जो हनुमान भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माने जा रहे हैं। ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग लगभग 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले ऐसा विशेष योग वर्ष 2007 में देखने को मिला था। अधिक मास चंद्र और सूर्य कैलेंडर के बीच अंतर को संतुलित करने के लिए जोड़ा जाता है। चंद्र वर्ष 354 दिनों का होता है, जबकि सौर वर्ष 365 दिनों का, इसी अंतर को दूर करने के लिए लगभग 32 महीने 16 दिन बाद एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की श्रद्धा से पूजा करने, व्रत रखने और दान-पुण्य करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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