उर्वरक की टैगिंग पर योगी सरकार सख्त : खरीफ फसल के लिए यूरिया और डीएपी का कोटा तय, जानें नियम
- उपनिदेशक कृषि ने निगरानी समिति को दिए निर्देश - प्रति हेक्टेयर यूरिया सात और डीएपी के पांच बैग मिलेंगे
लखनऊ, अमृत विचार : उपनिदेशक कृषि विनय कुमार कौशल ने कहा कि विक्रेता शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों की बिक्री करेंगे। किसी भी विक्रेता ने उर्वरक के साथ टैगिंग यानी जबरन अन्य उर्वरक बेची तो कार्रवाई की जाएगी। निगरानी समितियां हर गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
उन्होंने बुधवार को विकास भवन स्थित जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में खरीफ फसल में उर्वरक की निगरानी के लिए गठित निगरानी समिति के साथ बैठक की। कहा कि जमीन का विवरण देखकर किसानों को प्रत्येक फसल सीजन में यूरिया प्रति हेक्टेयर भूमि पर अधिकतम सात बैग और डीएपी के पांच बैग दिए जाएं।
प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी वितरण रजिस्टर में अंकित की जाए। जिन किसानों की फॉर्म रजिस्ट्री नहीं हुई है उनकी मौके पर रिटेलर्स द्वारा की जाए। जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने बताया कि अप्रैल माह तक यूरिया 936 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 9631 एमटी, डीएपी 534 के सापेक्ष 6705 एमटी, एनपीके 63 एमटी के सापेक्ष 3607 एमटी, एमओपी 90 एमटी के सापेक्ष 686 एमटी उपलब्ध है।
एसएसपी 27 एमटी के सापेक्ष 146 एमटी उपलब्धता है। अपर जिला कृषि अधिकारी हर्षित त्रिपाठी ने बताया कि किसान किसी तरह की समस्या या शिकायत पर कंट्रोल रूम 9198938099 पर कर सकते हैं। बैठक में सहकारिता, पीसीएस और उर्वरक कंपनी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
