SNA-Sparsh 2.0 लागू, अब कोषागार के जरिए होगा भुगतान, ‘जस्ट इन टाइम’ मॉडल से सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगी राशि
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं में धनराशि के प्रवाह और भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए 1 मई से एसएनए-स्पर्श 2.0 प्रणाली लागू कर दी है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार की ओर से शासनादेश जारी किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब योजनाओं से जुड़े बिल सीधे एसएनए को भेजने के बजाय जनपदीय कोषागार के माध्यम से निस्तारित होंगे। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक नियंत्रित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि इससे फंड फ्लो पर बेहतर निगरानी संभव होगी और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी। नई प्रक्रिया के अनुसार, इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी एसएनए-स्पर्श 2.0 पोर्टल पर बिल जनरेट कर उसे जिला स्तर पर भेजेगी। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा समेकन कर बिल आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) के माध्यम से कोषागार को अग्रेषित किया जाएगा। अंततः कोषागार द्वारा भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और राशि सीधे लाभार्थियों या वेंडरों के खातों में स्थानांतरित होगी।
‘जस्ट इन टाइम’ मॉडल पर भुगतान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई प्रणाली ‘जस्ट इन टाइम’ मॉडल पर आधारित होगी। इसके तहत किसी भी प्रकार की धनराशि मध्यस्थ खातों में ट्रांसफर नहीं की जाएगी, बल्कि सीधे लाभार्थी या वेंडर को भुगतान होगा। इससे भुगतान में देरी और धन के दुरुपयोग की संभावनाएं कम होंगी।
लाभार्थियों के सत्यापन को लेकर भी नई व्यवस्था
लाभार्थियों के सत्यापन को लेकर भी नई व्यवस्था तय की गई है। नए लाभार्थियों का निर्माण “अकाउंट वैलिडेशन यूनिटी” के माध्यम से किया जाएगा। लाभार्थियों की पात्रता और भुगतान की शुद्धता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी की होगी, जबकि कोषागार स्तर पर पात्रता की जांच नहीं की जाएगी।
पुरानी लिमिट होगी रीसेट
शासनादेश में यह भी कहा गया है कि पहली मई से पहले जिन योजनाओं में धनराशि आवंटित हो चुकी है, उनकी शेष लिमिट को नई प्रणाली के तहत पुनः आवंटित किया जाएगा, ताकि सभी भुगतान एक समान प्रक्रिया से किए जा सकें। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नई प्रणाली के अनुरूप अपनी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
