यूपी में गेहूं की खरीद में पूर्वांचल जिलों का बेहतर प्रदर्शन, देवरिया ने 55.82% खरीद के साथ प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में रबी विपणन सत्र के दौरान गेहूं खरीद अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। खरीद में पश्चिम को पूर्वांचल के जिलों ने पीछे छोड़ दिया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का जिला देवरिया गेंहू खरीद में सबसे आगे है। गेहूं खरीद में पूर्वांचल के जिलों का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।
देवरिया ने 55.82% खरीद के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इसके अलावा बस्ती, प्रतापगढ़, बलरामपुर और संतकबीरनगर भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी है। अब तक 1,15,854 किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए 1318 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। इससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो रहा है और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो रही है।
प्रदेश भर के खरीद केंद्रों पर तौल, भंडारण और भुगतान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर केंद्र पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें और कोई भी किसान अपनी उपज लेकर लौटने को मजबूर न हो। निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया गया है ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे।
बेमौसम बारिश के बीच राहत
इस बार बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई। ऐसे में किसानों को नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने राहत देते हुए 70% तक चमकविहीन और 20% तक सिकुड़ा या टूटा गेहूं बिना कटौती के खरीदने की अनुमति दी है।
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