राजस्व मामलों के निस्तारण में लखनऊ अव्वल, जिला न्यायालयों में जौनपुर ने फिर बाजी मारी
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर चल रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नियमित समीक्षा और सख्त मॉनीटरिंग के चलते प्रदेशभर में लंबित मामलों के निपटारे में उल्लेखनीय तेजी आई है।
राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की अप्रैल रिपोर्ट के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 3,37,708 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें लखनऊ ने सबसे अधिक 18,861 मामलों का निस्तारण कर पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद प्रयागराज 12,036 मामलों के साथ दूसरे, बाराबंकी 9,139 मामलों के साथ तीसरे और आजमगढ़ 8,483 मामलों के साथ चौथे स्थान पर रहा।
जिला न्यायालयों में जौनपुर अव्वल
जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर ने एक बार फिर बाजी मारी है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने निर्धारित 250 मामलों के मानक के मुकाबले 535 मामलों का निस्तारण कर 214 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी न्यायालयों द्वारा निस्तारित मामलों में भी जौनपुर ने शीर्ष स्थान हासिल किया।
यहां निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 70 मामलों का निस्तारण कर 233.33 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। इसी श्रेणी में मऊ दूसरे और मैनपुरी तीसरे स्थान पर है। वहीं, जिला न्यायालय श्रेणी में सुल्तानपुर 370 मामलों के साथ दूसरे और गाजीपुर 199 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
