यूपी में कुदरत का कहर: आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 18 लोगों की मौत, 42 जिलों में अलर्ट!
लखनऊः उत्तर प्रदेश में मौसम ने इस वक्त रौद्र रूप धारण कर लिया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से प्रदेश का मिज़ाज पूरी तरह बदल गया है, लेकिन यह बदलाव राहत से ज्यादा आफत लेकर आया है।
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हुई अतिवृष्टि, आंधी और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। दुखद खबर यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 5 लोग घायल हैं। इतना ही नहीं, 24 पशुओं की भी मौत की खबर सामने आई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए। घायलों का समुचित और मुफ्त इलाज सुनिश्चित हो। साथ ही सभी जिला अधिकारी (DM) खुद फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजधानी लखनऊ की बात करें तो मौसम लगातार बदल रहा है इस मौसम ने भले ही चिलचिलाती गर्मी से राहत दी है... लेकिन बेमौसम बारिश अपने साथ तबाही भी ला रही है। आसमान से काले बादल डेरा डाल रहे है... झमाझम बारिश हो रही है... मौसम विभाग की मानें तो अभी खतरा टला नहीं है। अगले 48 घंटे भारी हैं। आज यूपी के 42 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। जौनपुर, गोरखपुर, वाराणसी और सहारनपुर जैसे जिलों में तेज हवाएं चलेंगी। वहीं, 12 जिलों में ओले गिरने का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इनमें प्रयागराज, चित्रकूट, बरेली और मुरादाबाद जैसे जिले शामिल हैं। आगामी 7 मई तक 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बारिश और आंधी की वजह से अगले एक हफ्ते तक लू (Heat Wave) चलने के कोई आसार नहीं हैं। यानी गर्मी से तो राहत रहेगी, लेकिन आसमानी बिजली और आंधी से जान-माल का खतरा बना हुआ है।
हमारी आपसे अपील है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें।
