डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा निर्देश, मैटरनल हेल्थकेयर सर्विस को करना होगा मजबूत, मोबाइल ऐप से होगी गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग
- उप मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु को शून्य करने हेतु रोडमैप के प्रस्तुतीकरण संबंधित बैठक को किया संबोधित - मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का सौ फीसदी रजिस्ट्रेशन करेंगे पक्का
लखनऊ, अमृत विचार : मातृ मृत्यु को शून्य करने की दिशा में हमें समग्र रूप से कार्य करने की जरूरत है। निजी अस्पतालों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है। हमारा मुख्य उद्देश्य सुरक्षित मैटरनल हेल्थकेयर सर्विस को मजबूत करना, हॉस्पिटल की क्वालिटी और मॉनिटरिंग में सुधार करना, ह्यूमन रिसोर्स कैपेसिटी बढ़ाना और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशन का फायदा उठाना है।
योजना भवन में सोमवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा संकल्प योजनांतर्गत रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु को शून्य करने के लिए रोड मैप के प्रस्तुतीकरण संबंधित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के हेल्थ सेल ने मैटरनल मॉर्टेलिटी रेशियो को कम करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है।
ब्रजेश पाठक ने बताया कि रोडमैप में 2030 तक मैटरनल मॉर्टेलिटी रेशियो में टारगेटेड कमी लाने के लिए प्रपोज्ड मोबाइल एप्लीकेशन है। जिसमें प्रेग्नेंट महिलाओं का सौ फीसदी रजिस्ट्रेशन पक्का करना और सर्विस डिलीवरी ट्रैकिंग में सुधार करना है। यह प्रेजेंटेशन एसटीसी के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने सीनियर हेल्थ अधिकारियों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सांचीज हेल्थ और फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट की टीम की मौजूदगी में पेश किया।
उप मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर हेल्थ सिस्टम, खासकर आशा नेटवर्क को बेहतर स्ट्रक्चर, अकाउंटेबिलिटी और इंसेंटिव के जरिए मजबूत करने के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों की बेहतर मॉनिटरिंग, सरकारी हेल्थकेयर सुविधाओं को मजबूत करने, ग्रामीण हेल्थकेयर डिलीवरी में कमियों को दूर करने और प्राइवेट हेल्थकेयर संस्थानों में अकाउंटेबिलिटी पक्का करने की जरूरत पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों के लिए ऐसे टारगेट तय करने का सुझाव दिया, जिन्हें मापा जा सके। साथ ही एनएचएम फंड का अधिक से अधिक उपयोग करने और गायनेकोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का भी सुझाव दिया।
बैठक में सहालकार, मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण, मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोएल, विशेष सचिव अर्चना वर्मा, विशेष सचिव कृतिका शर्मा एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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