शाहजहांपुर: ईर्ष्या त्यागकर दिव्य प्रेम अपनाने का संदेश, दाजी ने साधकों को किया प्रेरित

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Published By Monis Khan
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी पटेल दाजी के सान्निध्य में राम चन्द्र मिशन आश्रम में बाबूजी महाराज जयंती समारोह के दूसरे दिन सुबह कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश-विदेश से आए हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान साधना कर मानव कल्याण और विश्व शांति की कामना की तथा गुरुसत्ता को प्रणाम किया।

दाजी ने अपने संदेश में कहा कि ईर्ष्यालु हृदय जीवन को जीने के बजाय बार-बार दूसरे के जीवन की ओर देखता है, क्योंकि उसे अपने जीवन से ज्यादा दूसरों की खुशियां दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि ईर्ष्या वास्तव में किसी और की प्रतिभा नहीं बल्कि इस भय से जुड़ी होती है कि हमारी अपनी प्रतिभाएं पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए यह तुलना का रूप लेकर सामने आती है। उन्होंने साधकों से ईर्ष्या त्याग कर प्रेम, करुणा और सेवा की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

दाजी ने कहा कि ध्यान वह माध्यम है जिसके जरिए अंतिम प्रज्ञा तक पहुंचा जा सकता है, इसलिए सभी को नियमित ध्यान करना चाहिए और अपने हृदय को दिव्य प्रेम से भरना चाहिए। उन्होंने बताया कि ध्यान से सहनशक्ति और सही समझ विकसित होती है। इस अवसर पर उन्होंने अपने संदेशों की श्रृंखला की पांच पुस्तकों हार्टफुलनेस वे और हार्ट आफ लार्ड रामा का विमोचन भी किया।

आयोजन को सफल बनाने में मिशन के संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, माधो गोपाल अग्रवाल, एके गर्ग, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, ममता सिंह, अविरल तिवारी, सुनील अग्रवाल, डॉ. अभिनव सक्सेना, सुरेंद्र सिन्हा और संजय श्रीवास्तव सहित अनेक अभ्यासियों का योगदान रहा।

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