मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला : गन्ने की नई कीमतें तय, लागत से 100% ज्यादा मिलेगा दाम

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) पर यह फैसला किया गया।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया, ''10.25 प्रतिशत की मूल प्राप्ति (रिकवरी) दर के लिए एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल होगा।'' हर 10.25 प्रतिशत से ऊपर रिकवरी में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर, एफआरपी में 3.56 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होती है। इससे ज्यादा रिकवरी को प्रोत्साहन मिलता है। मंत्री ने कहा कि एफआरपी उत्पादन लागत (अखिल भारतीय भारित लागत) का 200.5 प्रतिशत है। मंत्री ने कहा, ''किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है।''

सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर गन्ने का एफआरपी तय करती है। चीनी मिलों के लिए यह अनिवार्य है कि वे किसानों से गन्ना एफआरपी या उससे अधिक कीमत पर खरीदें। चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है।

मंत्री ने कहा कि पिछले दस साल में गन्ने का एफआरपी हर साल बढ़ा है। इस कदम से लगभग एक करोड़ गन्ना किसानों को फायदा होगा और गन्ने की खेती में लगे खेतिहर मजदूरों को मदद मिलेगी। साथ ही चीनी मिलों का लगातार चलना और घरेलू चीनी की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इससे चीनी मिलों और उससे जुड़ी गतिविधियों में काम करने वाले पांच लाख मजदूरों को बेहतर रोजी-रोटी मिलेगी। साथ ही अतिरिक्त गन्ने से एथनॉल का उत्पादन भी संभव हो पाएगा।  

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