संदीप पाठक पर दर्ज हुआ मुकदमा तो बोली भाजपा- 'बदले की राजनीति' कर रहे हैं केजरीवाल...

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Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब पुलिस द्वारा राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बदले की राजनीति कर रहे हैं। संदीप पाठक हाल में अन्य छह साथी राज्यसभा सदस्यों के साथ आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि केजरीवाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निपटाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर रहे हैं, और मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इसमें भागीदार बन गए हैं। पूनावाला ने कहा, ''संदीप पाठक के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जो हाल ही तक आप के राज्यसभा सदस्य और पार्टी महासचिव (संगठन) थे। हैरानी की बात यह है कि अरविंद केजरीवाल भगवंत मान की मिलीभगत से बेशर्मी से बदले की राजनीति कर रहे हैं।''

उन्होंने आरोप लगाया, ''स्पष्ट है कि यह केजरीवाल द्वारा प्रतिशोध की राजनीति के तहत किया गया है, जो बेहद प्रतिशोधी और द्वेषपूर्ण हैं। इस तरह के राजनीतिक प्रतिशोध के लिए वे पंजाब पुलिस का दुरुपयोग करते हैं।'' पूनावाला ने प्राथमिकी दर्ज करने के समय पर सवाल उठाते हुए कहा, ''अगर ये मामले शुरू से मौजूद थे, तो प्राथमिकी पहले क्यों दर्ज नहीं की गईं? अगर वह भ्रष्ट थे, तो उन्हें इतने लंबे समय तक पार्टी में क्यों रखा गया, खासकर तब जब वह (संगठन के) महासचिव थे? क्या पिछले कुछ दिनों में कोई नई जानकारी सामने आई है, या कथित भ्रष्टाचार अभी हुआ है?''

उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल को राजनीतिक विरोधियों और असंतुष्टों को निशाना बनाने की ''पुरानी आदत'' है। पूनावाला ने राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लेने का संदर्भ देते हुए कहा, ''हमने देखा है कि कैसे उन्होंने कांग्रेस नेताओं समेत अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल किया है। यह उनकी पुरानी आदत है।'' भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि योगेंद्र यादव, मयंक गांधी, आशीष खेतान, आशुतोष और अलका लांबा सहित कई नेताओं ने गत वर्षों में आप छोड़ दी, क्योंकि उन्हें 'परेशान' किया गया। उन्होंने आप पर आत्मचिंतन करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

पूनावाला ने कहा, ''अन्ना से लालू तक, लोकपाल से भ्रष्टाचार तक, अपने बदलावों पर आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, वे प्रतिशोध की राजनीति में संलिप्त हैं और कानून के बल पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह आपातकाल जैसी मानसिकता और हिटलर की तानाशाही जैसी मानसिकता को दर्शाता है।'' सूत्रों के मुताबिक, संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में दो प्राथमिकी दर्ज की गई है।

हालांकि, इन प्राथमिकियों की विस्तृत जानकारी अबतक नहीं दी गई है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल- ने पार्टी के सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से निर्वाचित हुए हैं। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर सातों सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी, जिससे उच्च सदन में आप के सदस्यों की संख्या घटकर तीन रह गई।  

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