Census 2026: 356 एकल शिक्षक वाले परिषदीय विद्यालयों पर लगेगा जनगणना का ताला! शिक्षकों की ड्यूटी लगने पर संकट

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Published By Muskan Dixit
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शिक्षकों की ड्यूटी लगने पर खड़ा होगा संकट, बीएसए बोले-जिला प्रशासन को भेजा पत्र

अयोध्या, अमृत विचार : जनगणना-2026 के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगने से जिले के 356 एकल शिक्षक वाले परिषदीय विद्यालयों पर ताला लगने की संभावना है, क्योंकि इन स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है। अगर उसकी भी जनगणना में ड्यूटी लग गई तो स्कूल बंद करना पड़ेगा। इससे करीब 18 हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। बेसिक शिक्षा विभाग असमंजस में है, वहीं शिक्षक संगठनों ने भी विरोध जताया है।

बीएसए लालचंद ने बताया कि जनगणना कार्य के लिए जिले से 3500 से अधिक शिक्षकों की मांग की गई है। जिले में 356 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जहां मात्र एक शिक्षक तैनात है। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर कहा गया है कि एकल विद्यालयों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखा जाए या इनके बदले जूनियर व माध्यमिक के शिक्षक लगाए जाएं।कहा कि अगर इन स्कूलों के शिक्षकों भी जनगणना में ड्यूटी लगती है तो बच्चों को पास के विद्यालयों में शिफ्ट करने पर विचार चल रहा है। बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है कि किस स्कूल के बच्चे कहां समायोजित हो सकते हैं। जिन गांवों में दूसरा स्कूल दो किमी से दूर है, वहां शिक्षा मित्र या अनुदेशक से व्यवस्था का प्रस्ताव है। फिलहाल स्कूल चलो अभियान के बीच स्कूल बंद होने से अभियान पर भी असर पड़ने की आशंका है।

वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा जनगणना जरूरी है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई रोककर नहीं। एकल स्कूल बंद हुए तो ड्रॉपआउट बढ़ेगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी ने कहा कि एक ही विद्यालय में 4200 ग्रेड पे वाले शिक्षक को सुपरवाइजर और 4600 व 4800 ग्रेड पे वाले शिक्षकों को प्रगणक बनाया गया है, जो वरिष्ठता के विपरीत है। उन्होंने मांग की है कि ड्यूटी निर्धारण में वरिष्ठता का ध्यान रखा जाए और इस संबंध में स्पष्ट लिखित आदेश जारी किए जाएं। संगठनों ने बीएसए को ज्ञापन देकर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।

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