यूपी को मिले 2 नए स्पोर्ट्स कॉलेज, सहारनपुर और फतेहपुर में 80-80 सीटों पर होगा प्रवेश, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सहारनपुर और फतेहपुर में 80-80 सीटों वाले दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों, समीक्षा और निरीक्षणों से वर्षों से लंबित इन परियोजनाओं को पूरा कर 2026-27 शैक्षिक सत्र से संचालन शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
यह पहल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है, क्योंकि अब उन्हें प्रशिक्षण के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खेल और पढ़ाई के संतुलित मॉडल के तहत यहां छात्रों को आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रोफेशनल कोचिंग भी मिलेगी।
फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज को वर्ष 2011 में स्वीकृति मिली थी और इसे 2018 तक पूरा किया जाना था, जबकि सहारनपुर परियोजना 2013 तक पूरी होनी थी, लेकिन विभिन्न कारणों से ये योजनाएं वर्षों तक अधर में रहीं। योगी सरकार ने इन्हें प्राथमिकता में लेकर पूरा कराया, जिससे अब इनका लाभ खिलाड़ियों को मिल सकेगा। इन दोनों कॉलेजों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। अभी तक लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर का वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज और इटावा (सैफई) का मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज ही संचालित हैं। इसके अलावा बलिया में एक और स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है।
कक्षा 9 से प्रवेश, खेलों की विस्तृत व्यवस्था
फतेहपुर और सहारनपुर दोनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 9 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 12, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 2, थ्रोवर बालक के लिए 4, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 26, गोलकीपर बालक के लिए 4, कुश्ती बालक के लिए 10 और हैंडबॉल बालक के लिए 22 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसी तरह सहारनपुर कालेज में एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 8, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 6, थ्रोवर बालक के लिए 6, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 21, हॉकी गोलकीपर बालक के लिए 4, जूडो बालक के लिए 10, बॉक्सिंग बालक के लिए 15 और भारोत्तोलन बालक के लिए 10 सीटें तय की गई हैं। भारोत्तोलन अभी तक किसी भी स्पोर्ट्स कॉलेज में नहीं था। सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज से पहली बार शुरू हो रहा है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है।
हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज का लक्ष्य
खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्य है। बंध समिति स्पोर्ट्स कॉलेज के सचिव व लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल सिन्हा ने कहा कि कुशल संचालन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को कोई व्यवधान ना उत्पन्न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
