Assam Assembly Elections 2026: असम का फैसला... BJP या Congress, किसके हाथ लगेगी सत्ता की चाबी?

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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Assam Assembly Elections 2026: असम में आज राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण दिन है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आज घोषित होने वाले हैं, जिनके बाद साफ हो जाएगा कि अगले पांच साल तक राज्य की सत्ता का कमान किसके पास रहेगा। राज्य की सभी 126 सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था। असम में भाजपा  97 पर है वहीं कांग्रेस 27, AIUFF और अदर 1-1 पर जगह बनाए हुए हैं। 

जनता ने इस बार लोकतंत्र के त्योहार में जबरदस्त भागीदारी दिखाई। मतदान प्रतिशत 85% से ऊपर रहा, जो 2021 के चुनाव (लगभग 82%) से काफी बेहतर है। भारी मतदान ने सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज कर दी हैं और अब हर किसी की नजरें नतीजों पर टिकी हुई हैं।

64 सीटों का जादुई आंकड़ा

असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए बहुमत का लक्ष्य 64 सीटें है। किसी भी दल या गठबंधन को सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 64 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। अगर किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो इसे त्रिशंकु विधानसभा कहा जाएगा, जिसमें गठबंधन की राजनीति निर्णायक साबित होगी।

गठबंधन और क्षेत्रीय दलों का खेल

असम में पिछले कई चुनावों से गठबंधन की राजनीति हावी रही है। मुख्य लड़ाई आमतौर पर भाजपा नीत गठबंधन और कांग्रेस नीत गठबंधन के बीच होती है। क्षेत्रीय दलों का यहां खासा दबदबा है। असम गण परिषद (AGP) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) जैसी पार्टियां अक्सर 'किंगमेकर' की भूमिका निभाती रही हैं।

राज्य की विविध जनसांख्यिकी के कारण ऊपरी असम, निचला असम और बराक घाटी के मुद्दे अलग-अलग हैं। सत्ता हासिल करने के लिए दलों को इन तीनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनानी पड़ती है।

परिसीमन ने बदला समीकरण

हाल ही में हुए परिसीमन (delimitation) ने चुनावी मैदान को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि कुल सीटों की संख्या 126 ही रही, लेकिन कई सीटों की सीमाएं और आरक्षण (SC/ST) बदले गए हैं। इससे जीत के पुराने फॉर्मूले बदल गए हैं और नए सामाजिक-सामुदायिक समीकरणों को समझना सभी दलों के लिए चुनौती बन गया है।

सरकार कैसे बनेगी?

नतीजों के बाद जिस दल या गठबंधन के पास 64 या उससे ज्यादा सीटें होंगी, उसके नेता को मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जाएगा। राज्यपाल फिर उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे। अगर बहुमत स्पष्ट न हुआ तो सबसे बड़ी पार्टी या पूर्व गठबंधन को पहले मौका दिया जाता है।

अब सबकी निगाहें आज के नतीजों पर हैं। क्या सत्ता में मौजूदा गठबंधन अपनी जीत दोहराएगा या असम में नया सियासी समीकरण बनेगा? पूरा राज्य इस फैसले का इंतजार कर रहा है।

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