Bareilly:18 बोरों में सील किए ओवरहेड टैंक के नमूने, स्पेशल टीम ने ठेकेदार और इंजीनियरों से घंटों की पूछताछ
बरेली/भमौरा। सरदार नगर में सोमवार शाम ओवरहेड टैंक ढहने को लेकर शासन सख्त है। जल शक्ति मंत्री के निर्देश पर मंगलवार सुबह लखनऊ से टेक्निकल ऑडिट टीम सीनियर टेक्नीशियन एडवाइजर विश्व दीपक और शशांक मिश्रा के नेतृत्व में आई। टीम ने ईंट, रोड़ा, सरिया, सीमेंट, रेता और चादर के नमूने लेकर 18 बोरों में सील किए। चादर के सैंपल कानपुर भेजे जा रहे हैं, जबकि अन्य सामग्री की जांच पीडब्ल्यूडी लखनऊ की प्रयोगशाला में कराई जाएगी।
जांच टीम ने न केवल सामग्री के नमूने लिए, बल्कि कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों और ठेकेदार को भी आड़े हाथों लिया। उनसे निर्माण की प्रक्रिया और तकनीक पर घंटों पूछताछ की। टीम में शामिल मुरादाबाद जोन के अभियंता आरबी राम और वीके लिटोरिया ने तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की। टीम को हिदायत दी गई है कि वे 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंपें। इधर, सोमवार देर रात ही निर्माणदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड के खिलाफ एक्सईएन कुमकुम गंगवार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जिस कंपनी पर घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने के आरोप हैं, उसी के अधिकारी नमूने लेने में शामिल हैं।
सोमवार को बारिश के बाद ढह गया था ओवरहेड टैंक
बरेली, अमृत विचार: आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदार नगर में जल जीवन मिशन के तहत करीब 3 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से नया वाटर टैंक सोमवार सुबह बारिश के बाद शाम को धराशायी हो गया। मलबे में दबकर डोरी लाल, अर्जुन, वीरपाल, रविंद्र और नन्कू उर्फ वेदपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में जल निगम ग्रामीण के जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया जबकि राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के सहायक अभियंता और अवर अभियंता की सेवाएं समाप्त कर दीं गई थीं। जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच और अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार के खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया। टीपीआई बीएलजी बरेली के सभी कर्मचारियों को हटा दिया गया है और कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। इस मामले में एनसीसी लिमिटेड और टीपीआई बीएलजी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी किया।
