Bareilly : स्कूल से सटे कुएं में गिरकर छह साल के छात्र की मौत
इंटरवल में विद्यालय के बाहर खेलते-खेलते खुले पड़े कुएं में गिरने से गई मासूम की जान, परिवार में कोहराम
भुता, बरेली। अदीनापुर गांव में संचालित निजी स्कूल में पढ़ने वाला छह साल का छात्र कैंपस के बाहर खुले पड़े गहरे कुएं में समा गया। मासूम इंटरवल के समय बाहर मैदान में खेलते समय हादसे का शिकार हो गया। देर तक किसी को पता ही नहीं लगा। बाद में जब तक उसे निकाला गया, मासूम लविश की मौत हो चुकी थी। परिवार में कोहराम मचा है। पूरा इलाका सदमे में है। परिवार और स्थानीय लोग स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, मासूम लविश क्षेत्र के गांव अंगदपुर खमरिया गांव के रहने वाले किसान टिंकू का पुत्र था। वह पास के गांव अदीनापुर के आत्मानंद विद्या मंदिर स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता था। बड़ा भाई अनुज भी स्कूल में दूसरी क्लास का छात्र है। परिवार ने बताया कि सुबह 10:30 बजे लविश इंटरवल में साथी बच्चों के साथ स्कूल के बाहर मैदान में देखा गया था। किसी तरह वह मैदान में खुले पड़े कुएं के पास जा पहुंचा और संतुलन बिगड़ने से 60 फीट गहरे कुएं में जा गिरा।
बच्चे के कुएं में गिरने की जानकारी तुरंत किसी को नहीं हुई। दोपहर 12 बजे इंटरवल खत्म हुआ, तो सभी बच्चे क्लासरूम में पहुंच गए मगर उनमें लविश नहीं था। उसकी खोजबीन शुरू की गई। इस बीच किसी छात्र ने कुएं में गिरने जैसी आवाज सुनने की बात कही। स्कूल स्टाफ के साथ मौजूद गांववालों ने कुएं में देखा तो बच्चा पानी में उतराता नजर आया।सूचना पर थाना भुता पुलिस गांव पहुंच गई और लोगों के साथ रेस्क्यू कर बच्चे को कुएं से बाहर निकाला। इस काम में भी आधा घंटा लग गया। तुरंत ही एंबुलेंस से बच्चे को जिला अस्पताल भेजा गया,जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे को लेकर साथी बच्चों में किसी ने कहा है कि लविश पानी पीने टंकी पर गया था, तो किसी ने कहा है कि वह मैदान में पत्ते तोड़ रहा था। हालांकि, बड़ा सवाल ये है कि छह साल का बालक स्कूल से बाहर आया तो स्टाफ ने उस पर ध्यान क्यों नहीं दिया। प्रबंधन इस सवाल पर बगलें झांकता नजर आ रहा है।
डेढ़ घंटे कुएं में पड़ा रहा छह साल का लविश
गांववालों की मानें तो बच्चा करीब डेढ़ घंटा कुएं में पड़ा रहा। बाद में जब पता लगा तो स्कूल स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस के साथ गांव के लोगों ने मिलकर बच्चे को मशक्कत के बाद बाहर निकाला मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लोगों का कहना है कि तुरंत अगर कुएं में गिरने का पता लग जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घरवालों के बयान दर्ज किए। इसके बाद छात्र के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। घरवालों ने स्कूल स्टाफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी लापरवाही की वजह से बच्चे की जान गई है। वहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य चिरौंजी लाल गंगवार ने सफाई दी है कि छात्र को बचाने के लिए वह खुद भी कुएं में उतर गए थे लेकिन गहराई ज्यादा होने की वजह से दिक्कत आई।
बच्ची कहीं घूमें, स्कूल स्टाफ को नहीं फिक्र
गांववालों का कहना है कि स्कूल के बच्चे इंटरवल में मैदान में कहीं भी घूमते रहते हैं मगर स्टाफ कभी उनकी निगरानी नहीं करता। अगर मासूमों की देखरेख की जाती होती तो नन्हे लविश की जान नहीं गई होती ! बेटी की मौत के गम में पिता टिंकू और मां राखी देवी होशो हवाश खो बैठे हैं। घटना के बाद गांववालों ने स्कूल प्रशासन और सुरक्षा इंतजाम पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि स्कूल के बाहर खुले मैदान में बिना सुरक्षा घेरे के बना कुआं हादसे का बड़ा कारण है। अगर कुएं के चारों ओर दीवार या जाली होती तो ऐसी अनहोनी न हो पाती। रात तक परिवार ने किसी तरह की तहरीर थाने में नहीं दी। इंस्पेक्टर भुता रविन्द्र कुमार ने बताया कि पैर फिसलने बच्चे के कुएं में गिर जाने की आशंका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण साफ होगा।
