Uttrakhand:पौड़ी में शिकारियों ने किया तेंदुआ ढेर, एक पखवाड़े से जारी दहशत का अंत
पौड़ी, अमृत विचार। बमठी गांव में वन विभाग के शिकारियों ने एक तेंदुए को गोली मारकर ढेर कर दिया जिससे पिछले एक पखवाड़े से दहशत के साये में जी रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार देर रात विभाग के शिकारियों की गोली लगने से मारे गए आठ वर्षीय तेंदुए को पौड़ी के नागदेव रेंज लाकर उसका पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट के बाद ही तेंदुए के आदमखोर होने के बारे में स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा। करीब एक पखवाड़े पहले इसी गांव में खेतों में घास काटने गयी 65 वर्षीय सीता देवी पर घात लगाए बैठे दो तेंदुओं ने हमला कर दिया था और उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले गए थे।
एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि 23 अप्रैल को हुई घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम क्षेत्र में तैनात थी और उसके द्वारा गांव और आसपास के जंगलों में लगातार गश्त की जा रही थी। विभाग के शिकारी तेंदुए को 'ट्रेंकुलाइज' करने और जरूरत पड़ने पर अंतिम विकल्प के रूप में उसे गोली मारने के लिए भी तैयार थे। इसमें उसे सफलता मिली और तेंदुए को गोली मार दी गयी। तेंदुए के मारे जाने से गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल काफी हद तक कम हुआ है। हालांकि, वन विभाग की टीम ने क्षेत्रवासियों से अब भी सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है।
एम्स में जन्म प्रमाण पत्र सुविधा शुरू
ऋषिकेश: ऋषिकेश एम्स ने नवजात शिशुओं के लिए जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा शुरू कर दी है। शुक्रवार को पहला जन्म प्रमाण पत्र सुलोचना के नवजात शिशु के नाम जारी किया गया। यह प्रमाण पत्र संस्थान की निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. मीनू सिंह तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने प्रदान किया। संस्थान प्रशासन के अनुसार अब एम्स अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को अस्पताल से डिस्चार्ज होने से पहले ही जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
