Uttrakhand:मूसलाधार बारिश से 30 डिग्री तक पहुंच गया मई में पारा

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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हल्द्वानी, अमृत विचार। मई माह जो अपनी प्रचंड गर्मी के लिए जाना जाता है, उस माह में मूसलाधार बारिश हो रही है। पारे में गिरावट आ रही है। हल्द्वानी में रविवार को रात और दोपहर दो बार बारिश हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने रविवार को नैनीताल जिले में भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया था। अनुमान सही साबित हुआ। रविवार की रात्रि जमकर बारिश हुई और मौसम पूरी तरह से सुहावना हो गया तो वहीं पूर्वान्ह के समय पूरे शहर में काली घटा छा गई। दोपहर के समय शाम जैसा नजारा हो गया। लोगों को अपने वाहनों की लाइट ऑन करनी पड़ी। इसके बाद करीब एक घंटे तक मूसलाधार बारिश होती रही। दोपहर के समय ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। 

अधिकतम तापमान में काफी गिरावट आई। हल्द्वानी में एक ही दिन में करीब 40 मिमी बारिश हुई है। रविवार को हल्द्वानी में पारा 30.6 डिग्री रहा जो सामान्य से छह डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया है। शहर में एक सप्ताह पहले पारा 40 डिग्री को पार कर गया था। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को भी नैनीताल जिले में भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया है। यही नहीं मंगलवार और बुधवार को यलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही नौ मई तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने का अनुमान है।

मई की बारिश से राहत, लेकिन बीमारियों का खतरा बढ़ा
मई की भीषण गर्मी के दौरान मूसलाधार प्री-मानसून बारिश ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी है लेकिन नमी बढ़ने से कई तरह की बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के बाद वातावरण में बढ़ी आर्द्रता बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करती है। शहर के कई इलाकों में जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने पानी जमा न होने देने की सलाह दी है। 

इसके अलावा दूषित पानी और भोजन के कारण टाइफाइड, हैजा, डायरिया और हेपेटाइटिस-ए जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि इस मौसम में उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पीना चाहिए और बाहर के खाने से बचना चाहिए। अचानक बदलते मौसम का असर श्वसन तंत्र पर भी पड़ता है। वायरल बुखार, फ्लू, खांसी-जुकाम और एलर्जी के मामले बढ़ने लगते हैं। वहीं नमी के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं, खासकर फंगल इन्फेक्शन, भी आम हो जाती हैं। बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस दत्ताल ने कहा कहा कि बारिश थमने पर तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहकर साफ-सफाई, खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का विशेष ध्यान रखना होगा।

नैनीताल में दोपहर में बारिश ने मचाई अफरा तफरी
सरोवर नगरी में रविवार दोपहर में हुई तेज बारिश में अफरा तफरी मच गई। करीब एक घंटे की बारिश में तेज हवाओं के साथ ओले भी बरसे हैं। सोमवार से पुनः एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। नगर में मौसम का मिजाज सुबह से ही बदला हुआ था। घने बादल छाए हुए थे। अपराह्न 12 बजे काले बादलों ने आसमान को घेर लिया और करीब एक बजे तेज हवाओं के साथ वर्षा शुरू हो गई और ओले भी बरसने शुरु हो गए। इस लोग सिर छिपाने के लिए छत तलाशने लगे। विभिन्न नगरों से सैर पर पहुंचे सैलानियों में भगदड़ मच गई और उनकी खूब फजीहत हो गई। करीब दो बजे बारिश रुकने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और मौसम पूरी तरह साफ हो गया। साथ ही धूप निकलने से ठंड से भी राहत मिली। इधर मौसम विभाग देहरादून के मौसम वैज्ञानिक डा रोहित थपलियाल के अनुसार सोमवार से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। लिहाजा तापमान में गिरावट बनी रहेगी। अंधड़ और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना रहेगी। हल्की से मध्यम बारिश के आसार रहेगी। जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अधिकतम 24 व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

 

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