Uttrakhand: सरकारी आदेश का पालन नहीं, निजी स्कूलों का अब नया फरमान

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Published By Monis Khan
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हल्द्वानी, अमृत विचार। शिक्षा विभाग और प्रशासन के सख्त निर्देशों के बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। कई बैठकों और सरकारी निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों ने इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों के एडमिशन और एनुअल फीस के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली। जिस पर शिक्षा विभाग ने कई स्कूलों को नोटिस जारी किए थे, जिसमें अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

अब निजी स्कूलों की मनमानी का एक नया रवैया सामने आया है। अभिभावकों के अनुसार स्कूलों की ओर से उन्हें जून में शुरू होने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले स्कूल मैनेजमेंट ने दो माह का मासिक शुल्क अग्रिम जमा करने का फरमान जारी किया है। अभिभावकों को चेतावनी दी जा रही है कि यदि यह फीस समय पर जमा नहीं की गई तो प्रतिदिन 5 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही पुराने बकाया पर भी अतिरिक्त रुपये वसूले जाएंगे। अभिभावकों का कहना है कि यह उनके हित के खिलाफ है। 

नोटिस दिए जाने और कई सरकारी आदेशों के बावजूद स्कूल मैनेजमेंट अपनी मनमानी पर कायम है। अभिभावक इसे शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी निर्देशों की अवहेलना मान रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि एडमिशन और एनुअल फीस केवल निर्धारित नियमों के अनुसार ही वसूली जा सकती है, लेकिन निजी स्कूल इन आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। अधिकांश अभिभावक फीस जमा कर चुके हैं। ऐसे में असमंजस में हैं कि उनसे ली गई मोटी फीस का क्या होगा। इसे लेकर अभिभावकों को अब भी कार्रवाई का इंतजार है। इधर, विभाग के अनुसार जिन स्कूलों को पूर्व में नोटिस दिए गए थे, उनकी ओर से नोटिसों के जवाब दिए जा रहे हैं। जिन स्कूलों ने जवाब नहीं दिए हैं, उन्हें विभाग की ओर से दोबारा नोटिस भेजे जा रहे हैं।

सीईओ, नैनीताल गोविंद राम जायसवाल ने बताया कि सभी शिकायतों पर दो से तीन दिन के भीतर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में भेजे गए नोटिसों को लेकर भी उचित कार्रवाई की जाएगी। निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाई जाएगी।

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