Uttrakhand:170 साल पुराने हिमालय के दुर्लभ चित्र नैनीताल में होंगे प्रदर्शित

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Published By Monis Khan
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नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल में लगभग 170 वर्ष पहले हिमालयी क्षेत्रों के प्राकृतिक, सामाजिक और भौगोलिक स्वरूप को चित्रों में संजोने वाले जर्मन भू-वैज्ञानिक भाइयों एडोल्फ, हरमन और रॉबर्ट श्लागिंटवेट के दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। यह प्रदर्शनी 12 से 18 मई तक सीआरएसटी इंटर कॉलेज में होगी।

आयोजन संस्था पहाड़ ट्रस्ट ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदर्शनी में हिमालय और उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के कुल 77 दुर्लभ चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें से पांच चित्र पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इनमें श्रीनगर की डल झील का मनोहारी दृश्य और मेघालय के बोगापानी पुल के चित्र विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। ट्रस्ट के संस्थापक शेखर पाठक ने बताया कि वर्ष 1854 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय उपमहाद्वीप के चुंबकीय सर्वेक्षण के लिए इन जर्मन भाइयों को नियुक्त किया था। 

तीनों भाइयों ने पहले ही यूरोपीय आल्प्स में अपने शोध कार्यों से ख्याति प्राप्त कर ली थी। भारत में अपने अभियानों के दौरान उन्होंने कैमरे का उपयोग कर चित्र तैयार किए, जिन्हें बाद में उनके अध्ययन का आधार बनाया गया और सात खंडों में प्रकाशित किया गया। 1854 से 1858 के बीच उन्होंने दक्षिण भारत से लेकर असम, लद्दाख, बाल्टिस्तान, भूटान और संपूर्ण हिमालय क्षेत्र की व्यापक यात्राएं कीं। प्रदर्शनी के दौरान श्लागिंटवेट भाइयों और पंडित नैन सिंह रावत के अभियानों पर व्याख्यान और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

 

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