Uttrakhand:मनमानी पर 10 निजी स्कूलों को प्रशासन ने फिर भेजे नोटिस

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Published By Monis Khan
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हल्द्वानी, अमृत विचार। निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए एक बार फिर से नोटिस भेजे गए हैं। स्कूलों के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश पर सीईओ जीआर जायसवाल ने शहर के 10 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

नोटिस पाने वाले स्कूलों में वुडलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल (हिम्मतपुर तल्ला), डी लैंप पब्लिक स्कूल (दमुआढूंगा), दर्पण पब्लिक स्कूल (हरिपुरनायक, कुसुमखेड़ा), इम्युनल पब्लिक स्कूल (मुखानी), हाइलेंडर्स पब्लिक स्कूल (कलावती कॉलोनी), ग्रीन सिटी पब्लिक स्कूल (बरेली रोड), टेंडर फीट पब्लिक स्कूल (दमुआढूंगा), एल्केमे स्कूल (कुसुमखेड़ा), जय दुर्गे एजुकेशनल पब्लिक स्कूल (दमुआढूंगा बंदोबस्ती) और न्यू फेगलैंड पब्लिक स्कूल शामिल हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कई स्कूल निर्धारित पाठ्यक्रम से हटकर एनसीईआरटी के अलावा महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। 

साथ ही कुछ स्कूलों की ओर से विशेष विक्रेताओं से किताबें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाने और वेबसाइट पर जरूरी सूचनाएं सार्वजनिक न करने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 28 स्कूलों को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। स्कूलों को 15 दिन के भीतर संशोधित बुक लिस्ट जारी कर एनसीईआरटी की किताबें लागू करनी हैं। साथ ही किसी भी दुकान विशेष की बाध्यता समाप्त करने, वेबसाइट पर बुक लिस्ट और फीस स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने, अतिरिक्त खरीदी गई पुस्तकों के लिए अभिभावकों को रिफंड और एडजस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

आरटीई, सीपीए का होगा अनुपालन
कार्रवाई बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (सीपीए) 2019 और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुलभ और आर्थिक रूप से न्यायसंगत बनाना है।
स्कूलों को दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा।

आदेश न मानने पर होगी मान्यता रद्द
हल्द्वानी। डीएम के निर्देश पर ब्लॉक स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। निर्धारित समयसीमा में आदेशों का पालन न करने पर संबंधित स्कूलों की मान्यता निलंबित या निरस्त करने सहित विधिक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और किसी भी तरह की अवहेलना पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

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