Moradabad: निर्यातकों की नई संस्था के गठन को सक्रियता बढ़ी, एजीएम में टकराव के बाद चर्चा

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद के निर्यात जगत में नई संस्था एक्सपोर्टर्स वॉयस एसोसिएशन के गठन को लेकर गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। हाल ही में एजीएम के बाद शुरू हुई खींचतान अब संगठनात्मक स्वरूप लेती दिखाई दे रही है। एक ओर कुछ निर्यातक नई संस्था के समर्थन में सक्रिय नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई कारोबारी अब भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

पिछले कुछ दिनों में कई स्तरों पर निर्यातकों के बीच अनौपचारिक बैठकों और चर्चाओं का दौर चला है। इनमें उद्योग की वर्तमान स्थिति, संगठनों की भूमिका और निर्यातकों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। नई संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि उद्योग हितों की अनदेखी और कुछ मुद्दों पर संवाद की कमी के कारण अलग मंच की आवश्यकता महसूस हुई।

वहीं, मौजूदा संगठनों से जुड़े कई पदाधिकारियों का मानना है कि मतभेदों का समाधान बातचीत से निकाला जाना चाहिए। उनका कहना है कि अलग-अलग मंच बनने से निर्यातक वर्ग की एकजुटता प्रभावित हो सकती है। निर्यातक विशाल अग्रवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में निर्यातकों ने उद्योग से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता जताई थी। उन्हीं सुझावों और चर्चाओं के बाद नई संस्था के गठन की दिशा में कदम बढ़ाया गया। उनका कहना है कि उद्देश्य केवल निर्यातकों के हितों को मजबूत आवाज देना है।

एमएचईए के अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने कहा कि किसी भी तरह की नाराजगी या गलतफहमी को बातचीत से दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग पहले से कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में सभी को एकजुट रहना चाहिए। फिलहाल बड़ी संख्या में निर्यातक खुलकर किसी एक पक्ष में आने से बच रहे हैं। अधिकांश कारोबारी आने वाले दिनों में नई संस्था की कार्यशैली और उसके एजेंडे को देखने के बाद ही कोई निर्णय लेने के पक्ष में हैं।

उद्योग की चुनौतियों के बीच बढ़ी सियासी हलचल
निर्यात कारोबार पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार की सुस्ती, बढ़ती उत्पादन लागत और ऑर्डर में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में संगठनात्मक खींचतान को लेकर भी उद्योग जगत में चिंता जताई जा रही है। कई कारोबारियों का मानना है कि आपसी मतभेदों का असर उद्योग की छवि पर नहीं पड़ना चाहिए।

नई संस्था के अगले कदम पर सभी की नजर
नई संस्था में निर्यातकों को सदस्य के रूप में जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में नई संस्था सदस्यता अभियान को और तेज कर सकती है। इसके अलावा पदाधिकारियों की औपचारिक घोषणा, पहली बैठक और उद्योग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर एजेंडा तय किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। वहीं, कई निर्यातकों की नजर इस बात पर टिकी है कि नई संस्था अपने उद्देश्य और कार्यप्रणाली को किस तरह सामने रखती है।

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