कृषि विभाग के रडार पर यूरिया बेचने वाले 38 विक्रेता, हेराफेरी को लेकर प्रशासन सख्त, ऑनलाइन रिपोर्ट से खुली पोल
-पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक उर्वरक बिक्री - 1 से 10 मई तक गड़बड़ी की आशंका, निकाली सूची
लखनऊ, अमृत विचार : जिले में खरीफ फसल के लिए अधिक यूरिया बिक्री की आशंका पर कृषि विभाग ने 38 विक्रेताओं की ऑनलाइन रिपोर्ट निकाली है, जिनके द्वारा पिछले वर्ष की तुलना 10 दिन में अधिक यूरिया बेची गई है। विभाग ने टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है।
धान की तैयारी को लेकर किसानों ने यूरिया व अन्य उर्वरक खरीदनी शुरू कर दी है। ताकि फसल के समय कतार और किल्लत का सामना न करना पड़े। कृषि विभाग ने यूरिया बिक्री की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की तो 1 से 10 मई तक 38 विक्रेताओं की बिक्री अधिक पाई। जो पिछले वर्ष 1 से 10 मई की बिक्री से काफी अधिक है।
जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने गड़बड़ी की आशंका पर विक्रेताओं की ऑनलाइन खरीद बिक्री की रिपोर्ट निकालकर सभी विकास खंड के एडीओ कृषि को जांच के लिए सौंप दी है। जांच अधिकारी विक्रेता के पीओएस मशीन से उर्वरक बिक्री और स्टॉक का मिलान करेंगे। साथ ही सभी विक्रेताओं को नोटिस जारी करके किसानों का आधार, जोत, खतौनी, फसल व बिक्री के साक्ष्य मांगे हैं, जिन्हें यूरिया बेची गई है।
कृषि अधिकारी ने बताया कि मौके पर किसान का सत्यापन, जोत के अनुसार कितनी उर्वरक खरीदी, किस फसल के लिए खरीदी इन मुख्य बिन्दुओं पर जांच करा रहे है। यदि गड़बड़ी मिली तो संबंधित थोक व फुटकर विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करके विधिक कार्रवाई करेंगे। इससे पहले अप्रैल में निरीक्षण के दौरान मोहनलालगंज में एक विक्रेता के यहां गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
