Moradabad: महंगाई से जूझ रहे आम लोगों को ईंधन के बढ़े दामों ने दिया झटका

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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अमरोहा, अमृत विचार। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों में नाराजगी देखने को मिली। पहले से महंगाई और घरेलू खर्चों से जूझ रहे आम लोगों को ईंधन के बढ़े दामों ने एक और झटका दिया है। वहीं डीजल महंगा होने से किसानों और व्यापारियों ने भी चिंता जताई है।

लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन खर्च बढ़ेगा, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। किसानों का कहना है कि खाद, बीज और दवाइयों की महंगाई से खेती पहले ही घाटे का सौदा बन चुकी है, अब डीजल के दाम बढ़ने से खेती की लागत और बढ़ जाएगी। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये की बढ़ोतरी करके जनता पर करारा प्रहार किया है। व्यापारियों का भी कहना है की पेट्रोल एवं डीजल के मूल्य वृद्धि होने के कारण व्यापार में भी दिक्कतें आएंगी क्योंकि सामान लाने में ले जाने का भाड़ा बढ़ जाएगा।

देश के साथ धोखा जनता से लूट यही हाल है देश का। अपने मित्रों को लूटने का सर्टिफिकेट दे दिया है मोदी जी की सरकार ने। हमारी सरकार में 120 डॉलर प्रति बैरल खरीद के बाद भी देश की जनता को 58 रुपए का डीजल दिया था।- चौधरी सुखराज सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस

आरटीआई एसोसिएशन जिलाध्यक्ष मनु शर्मा ने बताया कि अमरोहा 3 वर्षों से पेट्रोल और डीजल जैसे उपयोगी व जरूरी उत्पादों के मूल्यों में वृद्धि नहीं की गई। अब युद्ध से पेट्रोलियम पदार्थाें के आयात में दिक्कतों के बाद वृद्धि करना सरकार की मजबूरी है। हालांकि सरकार इस जरूरत कहीं और से पूरा कर सकती थी क्योंकि यह सीधे प्रभावित करने वाला विषय है। 


सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव  युसुफ कुरैशी के मुताबिक पेट्रोल-डीजल पर बढ़ता बोझ सीधे आम आदमी की जेब पर असर डाल रहा है। ईंधन महंगा होने से हर वस्तु की कीमत बढ़ती है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग पर पड़ता है।

किसान नेता देवेंद्र सैनी ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से किसानों को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने सरकार से डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने की मांग की। वहीं भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष काले सिंह ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।

गांव भैसरोली के राजू ने बताया कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। वहीं ढकिया खादर निवासी जोगिंदर का कहना था कि मध्यम वर्ग पहले से महंगाई से परेशान था, अब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

समाजसेवी इकबाल खां के मुताबिक व्यापार पहले से मंदा चल रहा है और तेल के दाम बढ़ने से महंगाई और बढ़ेगी। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और आयातित वस्तुओं के उपयोग में कमी लाने की अपील की।

ढकिया खादर के जोगिंदर ने बताया कि एक साथ पेट्रोल एवं डीजल के मूल्य बढ़ाकर मध्यवर्गीय वर्ग परिवार का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। जहां मध्यम वर्गीय वर्ग महंगाई की मार से परेशान था वहां अब पेट्रोलियम पदार्थों के पैसे बढ़ने से और दिक्कत में आ गया है। 

ब्लॉक अध्यक्ष भाकियू काले सिंह ने बताया कि देश का किसान पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है क्योंकि उसे खाद एवं बीज के मूल्य बढ़ाकर मिल रहे हैं और अब सरकार द्वारा डीजल पेट्रोल एवं गैस के रेट बढ़ा दिए गए हैं यह सरकार पूरी तरीके से किसान विरोधी है।

 

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