Bareilly: जान बचाने को कातिलों से जूझी छात्रा, शरीर पर मिले निशान

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली/सीबीगंज। डीएलएड छात्रा के कातिलों की तलाश में जुटी पुलिस टीमें कई पहलुओं पर छानबीन में जुटी नजर आ रही हैं। घटना के हालात और छात्रा के शरीर पर मिले खरोंच के निशान इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि जान बचाने के लिए उसने कातिलों से जमकर संघर्ष किया होगा। हत्याकांड में एक से अधिक लोगों के शामिल रहे होंगे! हत्याकांड के खुलासे को पुलिस सीसीटीवी के साथ सर्विलांस की मदद भी ले रही है।

कॉलेज ड्रेस पहने डीएलएड छात्रा सैटेलाइट अड्डे से बस में शीशगढ़ स्थित घर जा रहे थे। पुलिस के सामने सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि छात्रा रास्ते से गायब कैसे हुई? अगर कोई उसे बुलाकर ले गया तो वो कौन था? उसके साथ रेप की आशंका भी जताई गई है।लगता है कि विरोध पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटनास्थल का नजारा इतना खौफनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। उसके मुंह से खून निकल रहा था। गला घोंटे के दौरान अत्यधिक दबाव से ऐसा होता है। छात्रा के हाथ, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर खरोंच व चोट के गहरे निशान मिले हैं।इससे लगता है कि कातिलों से बचने को उसने आखिरी दम तक संघर्ष किया मगर बच नहीं सकी। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने किसी अन्य सुनसान स्थान पर वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को सीबीगंज इलाके में हाइवे किनारे सुनसान जगह पर फेंक दिया। इस काम में किसी गाड़ी के इस्तेमाल का शक है।

एसएसपी ने संभाली कमान, टीमों को दिए टिप्स
छात्रा की हत्या की घटना का पता होते ही सीबीगंज पुलिस के साथ एसएसपी अनुराग आर्या मौके पर पहुंच गए और गहनता से मौके से निरीक्षण किया। एसएसपी ने कई टीमों को जांच में जुटाया है। तहकीकात को लेकर उन्होंने पुलिस टीमों को जरूरी निर्देश दिए हैं। इंस्पेक्टर सीबीगंज प्रदीप चतुर्वेदी संदिग्धों से पूछताछ में जुटे हैं। डॉग स्क्वायड के साथ फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जो पुलिस को कातिलों तक पहुंचा सकते हैं। खोजी डॉग आसपास के खेतों की ओर गया मगर फिर भटक गया। फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए मृतका के कपड़ों और त्वचा से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

एसएसपी अनुराग आर्य बरेली घटना बेहद गंभीर है। सीबीगंज पुलिस व एसओजी के साथ टीमें जांच में जुटाई गई हैं। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से तहकीकत को आगे बढ़ाया जा रहा है। अपराधी जल्द ही सलाखों के पीछे नजर आएंगे।

 

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