IPL में अब 'स्मार्ट चश्मा' नहीं पहन सकेंगे खिलाड़ी, लाइव स्ट्रीमिंग और कॉलिंग फीचर्स को BCCI ने बताया सुरक्षा के लिए खतरा

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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दिल्ली। भारतीय क्रिकेट बोर्ड भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीएसयू) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों द्वारा स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने इन चश्मों में मौजूद उन्नत संचार सुविधाओं को सुरक्षा और भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के लिए खतरा बताया है। बीसीसीआई एसीएसयू ने सभी फ्रेंचाइजी को जारी एक परामर्श में कहा कि कुछ कंपनियां खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को स्मार्ट चश्मे बेच रही हैं। 

बीसीसीआई ने कहा, "इन उपकरणों में लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट संदेश भेजने और प्राप्त करने के साथ-साथ मोबाइल डेटा या वाई-फाई के जरिए ऑडियो और वीडियो कॉलिंग जैसी उन्नत संचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।" उन्होंने कहा, "पीएमओए (खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों का क्षेत्र) के न्यूनतम मानकों के तहत ऐसे स्मार्ट चश्मों को 'ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण' और 'संचार उपकरण' दोनों श्रेणियों में रखा गया है। इसी कारण पीएमओए क्षेत्र में इन्हें रखने या इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।" 

डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल पर जुर्माना 

आईपीएल में पहले से ही खिलाड़ियों को निर्धारित पीएमओए क्षेत्रों में मोबाइल या अन्य संचार उपकरणों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के अधिकारी रोमी भिंडर को टीम डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए कैमरे में पकड़े जाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना और चेतावनी दी गई थी। बीसीसीआई ने अपने नवीनतम निर्देश में खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों से कहा है कि वे पीएमओए में प्रवेश करने से पहले स्मार्ट चश्मे भी जमा कराएं। बोर्ड ने नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को दिशा निर्देश 

बीसीसीआई ने कहा, "सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को निर्देश दिया जाता है कि मैच के दिन पीएमओए में प्रवेश करते समय वे अपने मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच के साथ ऐसे उपकरण भी सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर (एसएलओ) के पास जमा करें।" बोर्ड ने कहा, "कोई खिलाड़ी या स्टाफ सदस्य अगर ऐसे उपकरण जमा नहीं करता है, तो इसे पीएमओए प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाएगा और आईपीएल 2026 के न्यूनतम मानकों के तहत उस पर जुर्माना या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।" 

हनी ट्रैप मामले के बाद BCCI ने ने लगाए थे प्रतिबंध 

आईपीएल के इस सत्र में आचार संहिता उल्लंघन की कई घटनाएं सामने आने के बाद बीसीसीआई पहले ही सख्त दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। इसके तहत खिलाड़ियों के बिना अनुमति देर रात बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा कारणों और 'हनी ट्रैप' जैसी आशंकाओं को देखते हुए बोर्ड ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के होटल कमरों में मेहमानों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

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